कलायत। नगर में पानी की निकासी न होने पर शुक्रवार को किसान बिफर गए। उन्होंने विरोध स्वरूप नेशनल हाईवे पर स्थित एसडीएम कार्यालय पर तालाबंदी कर दी। इस कारण करीब घंटे भर एसडीएम कार्यालय बंद रहा। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए कलायत थाना प्रभारी बलदेव मलिक पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने एसडीएम कार्यालय अधीक्षक सावित्री देवी, एसडीएम रीडर अनिल धीमान व अन्य विभागों के कर्मियों की मौजूदगी में प्रदर्शनकारियों से बातचीत का आग्रह किया। इसके बाद किसानों ने तालाबंदी को हटाकर कार्यालय परिसर में धरना दिया।
कलायत, मटौर, खरक पांडवा, लांबा खेड़ी और अन्य गांवों के किसानों ने बताया कि जलभराव संकट से परेशान होकर यहां पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि जिस तेजी से जलस्तर बढ़ रहा है, उसके अनुपात में प्रशासन के पास कोई संसाधन नहीं हैं। किसान वेदप्रकाश, अनिल, सुनील, अशोक, कृष्ण, सत्ता, ऋषि, दिलबाग, नवदीप व राममेहर ने कहा कि उन्हें चिंता इस बात की थी कि 20 से 30 लाख रुपये व्यय कर सिंचाई के लिए खेतों में जो नलकूप लगाए थे, उसके चलते वे पहले ही कर्जे में हैं। बरसाती पानी की निकासी न होने के कारण सिंचाई संसाधन खराब हो रहे हैं।
किसानों के प्रदर्शन के बाद कलायत एसडीएम सुशील कुमार ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक बुलाई। लंबे समय चली बैठक में निकासी से जुड़े पहलूओं पर चर्चा की। एसडीएम सुशील कुमार ने बताया कि व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए ग्रामीण अंचल के लिए बीडीपीओ की अध्यक्षता में मार्केटिंग बोर्ड, पंचायती राज, सिंचाई विभाग के एसडीओ सहित अन्य संबंधित महकमों की कमेटी गठित की गई है। उधर, कलायत शहरी क्षेत्र के लिए नगर पालिका सचिव, जन स्वास्थ्य, सिंचाई, सिंचाई तकनीकी, पालिका अभियंता, सचिव मार्केट कमेटी और शहरी क्षेत्र के अन्य विभागीय कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।