संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। कौल गांव के पास सिरसा ब्रांच नहर में बहे ढांड निवासी 15 वर्षीय सचिन की तलाश शुरू नहीं होने से परिजन और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। घटना के करीब 17 घंटे बाद भी तलाश अभियान शुरू नहीं होने का आरोप लगाते हुए परिजनों और ग्रामीणों ने करनाल-पटियाला हाईवे पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने हाईवे पर टेंट लगाकर प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। अधिकारियों की ओर से कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद करीब डेढ़ घंटे बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया। इसके बाद एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और नहर में सचिन की तलाश शुरू की।
जाम की सूचना मिलते ही ढांड थाना प्रभारी शक्ति सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों और परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि जब तक गोताखोरों की टीम मौके पर नहीं पहुंचती, तब तक जाम नहीं खोला जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से सचिन की तलाश के लिए तत्काल अभियान शुरू करने की मांग की। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक बीरभान मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार व ग्रामीणों से बातचीत की। अधिकारियों का आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया। इसके बाद प्रशासन की ओर से एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और नहर में सचिन की तलाश शुरू की।
सचिन के परिजनों का आरोप है कि बुधवार शाम करीब पांच बजे उनका बेटा नहर में बह गया था। घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने उन्हें आश्वासन दिया था कि वीरवार सुबह तक मधुबन और भोंडसी से गोताखोर मौके पर पहुंच जाएंगे और उसकी तलाश शुरू कर दी जाएगी। साथ ही नहर विभाग से पानी का स्तर कम करवाने की बात भी कही गई थी।
परिजनों का कहना है कि आश्वासन के बावजूद 17 घंटे बीत जाने तक न तो गोताखोर मौके पर पहुंचे और न ही नहर का पानी अपेक्षित स्तर तक कम करवाया गया। इससे परिवार और ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया और उन्होंने हाईवे पर जाम लगा दिया।
पानी कम किया : ढांड थाना प्रभारी शक्ति सिंह ने बताया कि प्रशासन की ओर से एनडीआरएफ की टीम मौके पर मौजूद है और सचिन की तलाश के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि नहर का पानी कुछ हद तक कम किया गया है, लेकिन पानी को पूरी तरह बंद करना खतरे से खाली नहीं है।
रोते हुए पिता बोले- बेटे को ढूंढने में तो मदद कर दो
सचिन के पिता मनोज ने भावुक होते हुए कहा कि वे गरीब परिवार से हैं और उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही। उन्होंने कहा, हम तो केवल सरकार और प्रशासन से हाथ जोड़कर गुहार लगा सकते हैं कि हमारे बच्चे को नहर से ढूंढने में हमारी मदद तो कर दो। मनोज ने आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से उन्हें केवल आश्वासन ही मिले हैं।
उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ की टीम नाव के माध्यम से नहर में तलाश कर रही है। परिजनों के अनुसार, धेरड़ू नहर पुल पर ग्रामीणों के सहयोग से जाल भी लगाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की इस बेरुखी से परिवार की परेशानी और बढ़ रही है। सचिन के न मिलने से परिजनों का रो-रोकर
बुरा हाल है। नहर किनारे उसकी मां और परिवार की अन्य महिलाएं बार-बार बेसुध होकर बिलखती रहीं।
13 ढांड 01 करनाल-पटियाला हाईवे पर टेंट लगाकर जाम लगाते सचिन के परिजन