संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। उपमंडल के बड़सीकरी कलां गांव में पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने बताया कि भीषण गर्मी के इस मौसम में आधे गांव को ही पानी की आपूर्ति हो पा रही है, जिससे बाकी लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण चंद्रपाल राठी, मुनीम, सोनू, बसाऊ शर्मा, प्रवीण राठी, कुलदीप व संदीप ने बताया कि विभाग ने तीन माह पहले गांव में 1200 फुट गहराई पर नया बोरवेल लगाया था, जिससे लोगों को उम्मीद जगी थी कि जल संकट खत्म हो जाएगा। लेकिन बोरवेल लगने के बाद भी पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हुई, जिससे ग्रामीणों में रोष है।
चंद्रपाल राठी ने कहा कि तीन महीने बीत चुके हैं, लेकिन बोरवेल से अब तक एक बूंद पानी नहीं मिला। लाखों रुपये का बजट सिर्फ कागजों में खर्च हो रहा है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो हम मुख्यमंत्री नायब सैनी को शिकायत भेजेंगे।
स्वास्थ्य विभाग के कनिष्ठ अभियंता रवि पूनिया ने बताया कि बड़सीकरी में जो नया बोरवेल लगाया गया है, वह 1200 फुट गहराई पर है। इसके लिए फिलहाल 25 एचपी की मोटर उपलब्ध है, जो पानी को पूरी क्षमता से ऊपर नहीं ला पा रही।
उन्होंने बताया कि 40 एचपी की मोटर की मांग की गई है, जिसकी अनुमति कार्यकारी अभियंता से एक-दो दिन में मिल जाएगी। जैसे ही यह मोटर लगाई जाएगी, बोर से पूरी क्षमता में जल आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। पूनिया ने कहा कि गांव में वर्तमान में जो पेयजल आपूर्ति हो रही है, वह नियमित है। नया बोरवेल सिर्फ बेहतर आपूर्ति के उद्देश्य से लगाया गया है।