संवाद न्यूज एजेंसी
राजौंद। रोहेड़ा गांव की कई बस्तियों में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। पिछले डेढ़ महीने से लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए परेशान हैं, लेकिन जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।
गांव की अधिकांश आबादी गहरे बोरवेल से जल आपूर्ति पर निर्भर है, लेकिन कई बस्तियों में पेयजल सप्लाई पूरी तरह ठप है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को रोजाना पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
ब्लॉक समिति सदस्य राकेश उर्फ शीलू ने बताया कि गांव में लगाया गया गहरा बोर अब पानी नहीं दे पा रहा, क्योंकि जल स्तर बहुत नीचे चला गया है। बोरवेल में लगी मोटर ऊंचाई पर है और वह नीचे के जल तक नहीं पहुंच पा रही। ऐसे में अब बड़ी क्षमता वाली मोटर की आवश्यकता है। उनका कहना है कि विभागीय अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। दो-तीन दिन पहले भी अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया गया था।
उन्होंने नई मोटर जल्द लगाने का आश्वासन दिया, पर ग्रामीणों को अब विभाग पर भरोसा नहीं रहा। गांववासियों ने प्रशासन और जन स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द बड़ी मोटर लगाकर जल आपूर्ति बहाल की जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि समाधान नहीं हुआ तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह विभाग की होगी।