आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन ने डीसी कैथल द्वारा काम न करने पर नौकरी से बर्खास्त करने के बयान सहित अन्य मांगों के पूरा न होने का मंगलवार को विरोध किया। दोपहर दो बजे तक धरना देने के बाद जब लघु सचिवालय में डीसी बातचीत के लिए नहीं आए तो लघु सचिवालय में प्रवेश और निकासी के सारे द्वारा बंद करके मानव शृंखला बनाकर विरोध जताया। लोगों और वाहनों के प्रवेश और निकास पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया। भारी बारिश के बावजूद करीब एक घंटे से भी ज्यादा समय तक आंगनबाड़ी वर्कर्स सड़क पर और लघु सचिवालय को घेर कर खड़ीं रहीं। बाद में डीसी के साथ हुई बैठक के बाद वर्कर्स ने अपना आंदोलन समाप्त किया।
तीन दिन पूर्व डीसी प्रदीप दहिया ने महिला एवं बाल कल्याण विभाग में लागू किए गए एप पर काम न करने वाली आंगनबाड़ी वर्कर्स को बर्खास्त करने संबंधी चेतावनी दी थी। डीसी की इस चेतावनी के अलावा कई अन्य मांगों जिसमें स्मार्ट फोन न दिए जाने तक पोषण एप डाउनलोड न करने का दबाव बनाए जाने, फोन का रिचार्ज करवाने, प्रशिक्षण देने, वर्कर्स और हेल्पर्स को सात तारीख तक मानदेय दिए जाने, दो साल से भी अधिक समय से लंबित किराया दिए जाने, किराया बढ़ाए जाने, राशन की सप्लाई समय पर दिए जाने, सेवानिवृत्ति का लाभ देने, सुपरवाइजर प्रमोशन लागू किए जाने सहित विभिन्न मुद्दों पर सुबह दस बजे लघु सचिवालय में प्रवेश द्वार पर कब्जा जमा लिया था।
उनका कहना था कि वे प्रशासन से पूछने आए हैं कि उन्होंने काम न करने की बात कब कही है और उन्हें बर्खास्त किए जाने की बात डीसी द्वारा क्यों कही जा रही है? उधर, लोग दूसरे रास्तों से आते जाते रहे। करीब डेढ़ बजे वर्कर्स ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि उनकी बात नहीं सुनीं गई तो वे लघु सचिवालय के सारे रास्ते जाम कर देंगी। इसके बाद दो बजे तक भी जब प्रशासन की ओर से कोई बुलावा नहीं आया तो वर्कर्स ने लघु सचिवालय के चारों ओर मानव शृंखला बनाकर सभी रास्तों को जाम कर दिया। जिसमें मुख्य प्रवेश द्वार, लिफ्ट की साइड का प्रवेश द्वार, तहसील कार्यालय के निकट का प्रवेश द्वार भी बंद कर दिया। इसके अलावा करनाल रोड की ओर से प्रवेश और निकास द्वार, कोर्ट की ओर से आने जाने वाले रास्तों पर वर्कर्स सड़क पर बैठ गईं और जमकर नारेबाजी की।
बारिश में भी नहीं डिगा हौसला
आंदोलन के बीच करीब ढाई बजे तेज बारिश शुरू हो गई। एक घंटे से भी ज्यादा समय तक वर्कर्स बारिश में भीगते हुए सड़क पर डटीं रहीं। बारिश में सड़क पर खड़ी वर्कर्स का हौसला देखकर लघु सचिवालय में कर्मचारी भी चर्चा करते नजर आए कि ये आंदोलन को लेकर दृढ़निश्चयी हैं।
एक घंटे तक चली डीसी के साथ बैठक
आंदोलन के बीच प्रशासन की ओर से बुलावा आया और राज्य महासचिव शकुंतला, राजबाला जाखौली, नीतू, सुमन जींद, जींद से प्रधान भुल्लां देवी, सीटू की ओर से जयप्रकाश शास्त्री, एसकेएस से ओमपाल भाल, शिवचरण की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल डीसी से मिलने पहुंचा। यहां करीब एक घंटे की बातचीत के बाद शकुंतला ने बाहर आकर कहा कि डीसी ने उनकी बात सुनीं और कहा कि उन्हें विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी थी कि वर्कर्स पोषण एप पर काम नहीं कर रहीं, इसीलिए उन्होंने हटाने संबंधी बात कही थी। लेकिन वर्कर्स ने यदि काम करने से इंकार नहीं किया है तो विभाग के अधिकारियों व वर्कर्स की बैठक करवाकर सभी मुद्दों का समाधान किया जाएगा। वर्कर्स की जिलास्तरीय मांगों को डीसी ने तुरंत स्वीकार कर लिया और राज्यस्तरीय मांगों के लिए विभाग को लिखने की बात कही। डीसी ने उनकी बातों को अच्छे से सुना है और आश्वासन दिया है कि मांगों पर विचार किया जाएगा। इसके बाद जाकर वर्कर्स ने अपना आंदोलन समाप्त किया।
डेढ़ घंटे तक लघु सचिवालय में आवाजाही बंद रही
आंगनबाड़ी वर्कर्स ने लघु सचिवालय के सभी प्रवेश और निकासी द्वारों को बंद कर दिया। जिस कारण करीब डेढ़ घंटे तक लघु सचिवालय में प्रवेश और निकास बंद रहे। लोग बाहर निकलने व अंदर आने के लिए इधर उधर भटकते रहे।
डीसी प्रदीप दहिया ने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर्स यूनियन ने मांगों को लेकर मुलाकात की। यूनियन द्वारा 12 मांगें रखी गईं हैं। सभी मांगों पर बैठक कर विचार किया जाएगा। स्मार्ट फोन की मांग के मामले को विभाग के उच्च अधिकारियों के पास पहुंचाया जाएगा। डीसी ने कहा कि सभी आंगनबाड़ी वर्कर्स को काम पर लौटने के आदेश दिए हैं।