संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन/कैथल। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जिले के मांडी सादरां गांव की आंगनबाड़ी वर्कर कोमल रानी को राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया। प्ले स्कूल में बेहतरीन कार्य करने के लिए उन्हें यह सम्मान दिया गया है। कोमल जिले की इकलौती महिला हैं, जिनका राज्य पुरस्कार के लिए चयन हुआ।
शनिवार को पंचकूला के रेड बिशप में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में हरियाणा के विभिन्न जिलों से 50 महिलाओं को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी गुरजीत कौर ने कोमल रानी को उनकी उपलब्धि पर बधाई दी।
उन्होंने कहा कि कोमल रानी एक मेहनती और होनहार आंगनबाड़ी वर्कर हैं। कोमल रानी ने 11 साल पहले आंगनबाड़ी वर्कर के रूप में अपनी सेवाएं शुरू कीं। उन्होंने अपने केंद्र में बच्चों की बेहतर देखभाल और विकास पर विशेष ध्यान दिया। बच्चों के पोषण, सर्वांगीण विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कुपोषण उन्मूलन के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने के लिए उन्हें सम्मानित किया गया है।
उन्होंने मल्टीन्यूट्रिशनल सपोर्ट, संतुलित आहार और पोषण योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया, जिससे कई बच्चों का स्वास्थ्य सुधार हुआ। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र को प्ले स्कूल मॉडल पर विकसित किया, जिससे छोटे बच्चों को खेल-खेल में सीखने का अवसर मिला।कि उन्होंने कुपोषित बच्चों की पहचान कर उनके पोषण स्तर में सुधार के लिए विशेष योजनाओं पर कार्य किया। बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार लाने के लिए उन्होंने गर्भवती महिलाओं और माताओं को पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और टीकाकरण के महत्व के बारे में जागरूक किया।
एडीसी दीपक बाबूलाल कारवा ने कहा महिला एवं बाल विकास विभाग का यह प्रयास महिलाओं को उनके साहस, परिश्रम और समर्पण के लिए पहचान और सम्मान देने का महत्वपूर्ण कदम है। उधर, राज्य पुरस्कार प्राप्त करने के बाद कोमल रानी ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री श्रुति चौधरी, विभाग की महानिदेशक मोनिका मलिक, एडीसी दीपक बाबूलाल कारवा और डीपीओ गुरजीत कौर का आभार व्यक्त किया।
एडीसी ने भी दी बधाई
जिला प्रशासन की ओर से एडीसी दीपक बाबूलाल कारवा ने कोमल रानी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सम्मान न केवल कोमल रानी के लिए, बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व की बात है। एडीसी ने कहा कि कोमल रानी की इस उपलब्धि ने जिले की अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ने और समाज में पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया है।