कैथल। खराब मौसम के कारण गेहूं की फसल में टुकड़ेे, सिकुड़े दाने व लस्टर लॉस (चमक में कमी) में कट लगाने के साथ दी गई केंद्र सरकार की राहत पर आढ़तियों में मंगलवार सुबह असमंजस पैदा हो गया। कट का खर्च सरकार वहन करेगी या किसान, इस बात पर स्थिति स्पष्ट न होने पर आढ़तियों ने बैठक करके चर्चा की। इसके बाद उन्होंने स्वयं के स्तर पर जुटाई जानकारी के बाद खरीद शुरू करवा दी।
अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है कि यह खर्च किसान वहन करेंगे या सरकार। बुधवार को भी इस संबंध में आढ़तियों की बैठक हो सकती है। खाद्य आपूर्ति विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, बारिश के कारण खराब हुई गेहूं की फसल में खरीद मापदंडों में छूट की मांग पर केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को कुछ नियमों में कट लगाने के साथ छूट दी है।
इसके तहत सिकुड़े दाने व टुकड़े के पूर्व में निर्धारित छह प्रतिशत की दर से बढ़ाकर 18 प्रतिशत तक खरीद की छूट दे दी है, लेकिन इस छूट में छह से आठ प्रतिशत तक पांच रुपये 31 पैसे, आठ से दस प्रतिशत तक 10.62, 10 से 12 प्रतिशत तक 15.93, 12 से 14 प्रतिशत तक 21.25, 14 से 16 प्रतिशत तक 26.56 व 16 से 18 प्रतिशत तक 31.87 रुपये प्रति क्विंटल तक कट लगाने के साथ खरीद की अनुमति दी है।
इसी प्रकार से लस्टर लॉस में 10 प्रतिशत तक कोई कट नहीं लगेगा। 10 से 80 प्रतिशत तक पांच रुपये 31 पैसे प्रति क्विंटल तक कट लगाया जाएगा।
इस कट का खर्च किसान वहन करेगा या आढ़ती पर असमंजस के चलते आढ़ती एसोसिएशन की बैठक हुई। अध्यक्षता करते हुए प्रधान रामकुमार गर्ग ने कहा कि बैठक में आढ़तियों ने अपने स्तर पर जानकारी जुटाई कि यह खर्च सरकार वहन करेगी, इसीलिए खरीद शुरू कर दी। कोई दिक्कत आएगी तो बुधवार को भी इस संबंध बैठक की जा सकती है।
उधर, डीएफएससी निशांत राठी ने बताया कि सरकार ने टुकड़े व सिकुड़े दाने के लिए 18 प्रतिशत तक विभिन्न श्रेणियों में खरीद की अनुमति दी है। इसके साथ ही लस्टर लॉस में भी छूट प्रदान की है। छूट के लिए कट का खर्च किसान वहन करे या सरकार, इस बारे में अभी स्पष्ट निर्देश नहीं मिले हैं। आढ़तियों की मांग के अनुसार, वर्ष 2015-16 में सरकार इस खर्च को वहन कर चुकी है। इसी मांग के आधार पर सरकार को सूचना भेज दी है।
आढ़ती पर ज्यादा तौलने का आरोप
उधर, किसान दर्शन सिंह, राजेश ने एक आढ़ती सत्यवान पर 50 किलो के कट्टे में दो किलो से अधिक गेहूं ज्यादा तौलने का आरोप लगाया। किसानों ने कहा कि वे 20 साल से यहां फसल ला रहे हैं। वे अपनी फसल का पहले वजन करके लाए थे। यह 364 मन थी लेकिन आढ़ती ने उन्हें 337 मन का पर्चा थमा दिया। करीब 30 मन गेहूं कम बताया गया। आरोप लगाया कि यह बड़ा घपला है। उन्होंने कहा कि अब वे पिछले 20 साल का हिसाब लेंगे। इस मामले की सूचना मिलने पर मार्केट कमेटी अधिकारी भी मौके पर पहुंचें। मार्केट कमेटी सचिव बसाऊ राम ने कहा कि वजन करने पर एक कट्टे में वजन एक किलो 900 ग्राम अधिक पाया गया है। इस फर्म को नोटिस जारी कर दिया है। उसके जवाब के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।