कुलदीप प्रजापति
कैथल। सहकारी चीनी मिल में पेराई सत्र शुरू हो चुका है और गन्ने की आवक भी होने लगी है लेकिन आंकड़ों के मुताबिक, इस साल गन्ना पेराई के साथ बिजाई का भी रकबा घटा है। बीते वर्ष के मुकाबले चीनी मिल में जहां 11 लाख क्विंटल का लक्ष्य कम रखा है वहीं जिले में 1500 एकड़ कम गन्ने का क्षेत्रफल भी हुआ है।
केवल कैथल में ही नहीं अबकी पूरे प्रदेश की चीनी मिलों का लक्ष्य कम होने की जानकारी मिली है। माना जा रहा है कि अबकी गन्ने का उत्पादन कम होगा। गौरतलब है कि वर्ष 2022-23 में 38 लाख क्विंटल कैथल मिल ने गन्ना पेराई का लक्ष्य निर्धारित किया था, जिसमें से 37.62 लाख क्विंटल पेराई हुई थी। इस बार यह लक्ष्य घटकर 27 लाख क्विंटल रह गया है। वहीं जिले में गन्ने की बीते वर्ष के मुकाबले बिजाई भी कम हुई है।
बीते वर्ष 10363 एकड़ में गन्ने की बिजाई थी, जो इस बार 8813 एकड़ में गन्ने की बिजाई है। जिले में गन्ने का 1550 एकड़ क्षेत्रफल कम हुआ है। जो किसानों के साथ साथ विभागीय अधिकारियों के लिए भी चिंता का विषय है। गत 21 नवंबर से चीनी मिल में पेराई सत्र का शुरू हुआ था। अब तक छह दिन में 50 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई हुई है। चीनी मिल की प्रतिदिन 25 हजार गन्ने की पेराई करने की क्षमता है, लेकिन अब तक प्रतिदिन 25 हजार गन्ने की आवक नहीं हुई है।
गौरतलब है कि चीनी मिल में गन्ने की आवक तो हो गई है। लेकिन मजदूरों की कमी के चलते कई बार मिल में पेराई निरंतर नहीं हो पाती। इस समय चीनी मिल में गन्ने की पेराई करने के लिए व अन्य कार्य के लिए मजदूरों की भारी कमी बनी हुई है, क्योंकि इस बार प्रवासी मजदूर नहीं पहुंचे हैं। आगामी एक सप्ताह तक प्रवासी मजदूर पहुंचेंगे, इसके बाद निरंतर गन्ने की पेराई होगी।
मिल के अनुसार छठ पूजा के चलते प्रवासी मजदूर नहीं पहुंच है। आगामी सप्ताह तक मजदूर अपने कार्य पर पहुंचेंगे। इसके बाद चीनी मिल में पेराई निरंतर जारी रहेगी। चीनी मिल के निदेशक ब्रह्मप्रकाश ने बताया कि इस बार गन्ने का जिले में उत्पादन कम होने से निर्धारित लक्ष्य बीते वर्ष के मुकाबले 11 लाख क्विंटल कम रखा है। उन्होंने बताया कि किसान का गन्ने की ओर रुझान कम होता जा रहा है। बीते दो वर्षों से गन्ने में चोटी बेधक नामक बीमारी आ रही है। इस कारण से गन्ने का उत्पादन कम हो रहा है। बीते वर्ष जिले में 10363 एकड़ में गन्ने की बिजाई थी, इस बार 8813 एकड़ में गन्ने की बिजाई की गई है। संवाद