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Kaithal News: स्ट्रीट लाइटों में अनियमितता का आरोप, पार्षद नाराज

Thu, 29 Aug 2024 05:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। कांग्रेस समर्थित पार्षद एक बार फिर से नगर परिषद की कार्यप्रणाली के खिलाफ मुखर हो गए हैं। अब फिर से विपक्षी पार्षदों ने शहर में लगाई तिरंगा लाइट में व एलईडी लाइटों के लिए खरीदे गए सामान में अनियमितता का आरोप लगाया है।

नाराज पार्षदों ने आरोप लगा कहा कि वे इस मामले में कई बाद सदन की बैठक में इस मुद्दे को उठा चुके हैं, लेकिन इसका अभी तक कोई समाधान नहीं हो पाया है। इस मामले में उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। यहां तक की जांच के लिए किसी कमेटी का गठन भी नहीं किया गया है। इस मामले में विपक्षी पार्षदों ने प्रेसवार्ता कर आरोप लगाए हैं।
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वार्ड नंबर चार से पार्षद महेश गोगिया, वार्ड नंबर 28 से पार्षद मोहन लाल शर्मा, वार्ड नंबर 11 से पार्षद सुशीला शर्मा ने कहा कि नगर परिषद ने करीब डेढ़ साल साल पहले ही शहर में 250 तिरंगा लाइट लगाई थी। इन लाइटों का करीब 19 लाख रुपये का बिल बना है जबकि पिहोवा में 225 लाइट लगी हैं। इसका बिल करीब नौ लाख रुपये बना है।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि इस प्रकार इस काम में नौ लाख रुपये से अधिक का भ्रष्टाचार हुआ है। इसी प्रकार एलईडी लाइट लगाने के खरीदे गए सामान की कीमत कम है जबकि बिल लाखों रुपये का बनाया गया है। इसकी जांच को लेकर वे कई बार सदन की बैठक में भी मांग कर चुके हैं। इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही।

वार्ड नंबर 18 से पार्षद एवं पूर्व नप अध्यक्ष रामनिवास मित्तल, वार्ड नंबर 21 से पार्षद अनिल शोरेवाला, वार्ड नंबर सात से पार्षद विजय गर्ग, वार्ड नंबर 12 से पार्षद बलजीत, वार्ड नंबर पांच से पार्षद प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

वार्ड नंबर 21 से पार्षद अनिल शोरेवाला ने आरोप लगाते हुए कहा कि माॅडल टाउन गोशाला को जींद रोड स्थित नई गोशाला में शिफ्ट किया जा रहा है। यहां जो पुराना सामान है, उसे भी बेचा है। पार्षद रामनिवास मित्तल ने कहा कि शहर में बेसहारा गोवंश की समस्या लगातार बढ़ रही है। इससे आए दिन हादसे होते हैं। इनकी समस्या को भी दूर करने का आश्वासन दिया, लेकिन यह समस्या दो साल बाद भी दूर नहीं हो पाई है।

वहीं, इस मामले में नगर परिषद अध्यक्ष सुरभि गर्ग ने कहा कि राजनीतिक द्वेष के चलते बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं। सभी विकास कार्य निविदा सूचना की प्रक्रिया के तहत हुए हैं। जो आरोप लगाए जा रहे हैं। इनका न कोई आधार है और न ही इनका कोई रिकॉर्ड है।

पांच हजार लाइटों में से महज दो हजार ही लग पाईं शहर में



कैथल। नगर परिषद की ओर से शहर में स्ट्रीट लाइटों का समाधान करने के लिए कवायद शुरू की गई थी। इसके तहत करीब एक साल पहले ही करीब पांच हजार लाइटें आई थी। इसकी कीमत भी करीब एक करोड़ रुपये की थी। लाइटें खरीदने के बावजूद शहर के वार्डों में लगाई गईं स्ट्रीट लाइटों की समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।

बैठक में स्ट्रीट लाइटों के मुद्दे पर पार्षदों ने खूब हंगामा भी कर चुके हैं। इस दौरान पार्षदों ने उन्हें जरूरत के अनुसार स्ट्रीट लाइटें न देने का आरोप लगाया था। पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि जब शुरूआत में नगर परिषद में लाइटें आई थी तो उस समय भी केवल 45-45 लाइटें दी गई है। इसके बाद मांग के बावजूद केवल 20-20 लाइटें ही दी गई हैं। संवाद
पूर्व राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने की कलायत विधानसभा की अनदेखी : दीप मलिक
कैथल। जिला परिषद के अध्यक्ष दीप मलिक जाखौली ने पूर्व राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने की कलायत विधानसभा की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल कलायत विधानसभा क्षेत्र के साथ जो नाइंसाफी हुई है। वह इतनी बुरी है कि बयां भी नहीं कर सकते। उन्होंने बुधवार को कैथल में पत्रकार वार्ता कर कहा कि सरकार में राज्य मंत्री रहते हुए कमलेश ढांडा ने कलायत की अनदेखी की।

दीप मलिक के मुताबिक, तितरम से राजौंद की सड़क हो या अन्य कोई लिंक रोड हो। उन्होंने कभी पैच वर्क तक करवाने की जहमत तक नहीं उठाई है। मलिक ने बताया कि कई ऐसे प्रोजेक्ट थे, जो सरकार ने दिए परंतु उनकी लापरवाही की वजह से वह प्रोजेक्ट रद्द हुए।

उन्होंने बताया कि अक्तूबर 2023 में जाट शिक्षण संस्थान में क्षेत्रीय युवा महोत्सव का कार्यक्रम हुआ। इसमें राज्य मंत्री कमलेश ढांडा बतौर मुख्य अतिथि पहुंची थी और उन्होंने संस्था को 31 लाख रुपये देने की घोषणा की थी। इसे एक वर्ष पूरा होने को है। उस पैसे की कोई अता-पता नहीं है।
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आरोप लगाते हुए कहा- पूर्व राज्यमंत्री संस्था के 31 लाख की घोषणा अब कहां से आएगी? कौन देगा पैसे? अब न तो मंत्री है और चुनाव आचार संहिता लग चुकी है। इसके चलते भी कोई अनुदान राशि संस्था में नहीं आ सकती। संवाद
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