संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर की डीसी कॉलोनी आवासीय सहकारी गृह निर्माण सोसायटी की भूमि की नीलामी रद्द करने के आदेश जारी होने के बाद बुधवार को आम आदमी पार्टी ने इसमें कांग्रेस व इनेलो के बड़े नेताओं का इस घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया है।
आप नेताओं ने आरोप लगाकर दावा किया कि अधिकारियों ने फिल्मी स्टाइल में जमीन की बोली नीलाम की थी। इसलिए आरोपियों को सख्त से सख्त सजा मिले।
आप शिक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष सतबीर गोयत ने कहा कि बड़े-बड़े लोगों का जमीर बिक चुका है। आरोप लगाया कि भाजपा के नेताओं की भी इसमें संलिप्तता शामिल है। उनके दबाव में या साठगांठ के कारण ही यह हुआ है।
कांग्रेस के एक बड़े नेता का नाम लिये बिना कहा कि उन्हें हिसार के एयरपोर्ट का घोटाला तो दिखाई देता है, लेकिन उनकी कोठी के पीछे 100 करोड़ का घोटाला नहीं दिखाई दिया। भाजपा के नेता का भी नाम लिए बगैर कहा कि उनकी कोठी के सामने यह घोटाला हुआ। कॉलोनी के प्लाट धारक डॉक्टर एसके जैन ने कहा कि उन्होंने वर्ष 2021 में स्टे लिया था। अब बोली का केवल 10 दिन का समय दिया गया और यह जमीन बंजर दिखाई गई। जबकि यहां आवासीय कॉलोनी है।
डीसी कॉलोनी में प्लाट धारक रमेश राणा ने कहा कि इस कॉलोनी की नीलामी में सभी नियमों को ताक पर रखकर दाम तय किया गया था। इसमें प्लाट धारकों में से तीन सदस्य होने चाहिए। उन्हें इसमें से इग्नोर किया। आप नेता सतबीर गोयत ने अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
नीलामी में अनियमितताएं ः यह जमीन 31 कनाल 19 मरला है, जिसकी कीमत 100 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई गई। जबकि इसे करीब साढ़े 12 करोड़ रुपये में बेच दिया गया। आम आदमी पार्टी और जजपा ने भाजपा के पदाधिकारियों और प्रशासन के अधिकारियों पर जमीन की नीलामी करवाने में अनियमितताएं बरतने का आरोप लगाया था। इस संबंध में प्रशासन को ज्ञापन भी दिए गए। जांच में पाया गया की नीलामी नियमों के अनुसार नहीं हुई है। ऐसे में हरियाणा रजिस्टार कार्यालय की ओर से नीलामी को रद्द कर दिया गया था।
इसकी सूचना मुख्यमंत्री, वित्तायुक्त, राजस्व एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव, सहकारिता विभाग, उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां, कुरुक्षेत्र, उपायुक्त कैथल, असिस्टेंट रजिस्ट्रार को-ऑपरेटिव सोसाइटी कैथल को भी भेजी गई है। इस संबंध में आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष जगमग मटौर ने आरोप लगाए थे कि इस जमीन को कौड़ियों के भाव में बेच दिया गया। नीलामी सूचना भी चंडीगढ़ के स्थानीय अखबार में प्रकाशित करवाई गई। 19 मार्च को जब बोली हुई तो कई आवेदकों को बोली देने से रोका गया।
डीसी प्रीति का कहना है कि नीलामी से संबंधित बैठक ऑनलाइन कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई थी। इसमें सभी समिति अधिकारियों ने भाग लिया। पूरी प्रक्रिया नियमानुसार की गई।