संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अक्षय तृतीया 30 अप्रैल को है और इस दिन बाल विवाह होते हैं। इसकी रोकधाम के लिए उपायुक्त प्रीति ने सरपंचों के साथ पार्षदों से सहयोग मांगने के साथ अधिकारियों को सर्तकता बरतने के निर्देश दिए हैं।
कार्यालय में बैठक के दौरान डीसी ने कहा कि अक्षय तृतीया पर तमाम लोग विवाह और शादियों का आयोजन करते हैं। इस दौरान बाल विवाह के आयोजनों की भी आशंका रहती है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह निषेध अधिनियम के अनुसार बाल विवाह करना कानून अपराध है। सभी संबंधित अधिकारी, ग्राम पंचायत तथा वार्ड एमसी सुनिश्चित करें कि उनके क्षेत्र में कोई भी बाल विवाह न होने पाए। इसको लेकर गांव, वार्ड, खंड स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएं।
डीसी ने कहा कि यदि आमजन को बाल विवाह से संबंधित कोई सूचना मिलती है तो वे जिला प्रशासन को सूचित करें। उन्होंने कहा कि लड़की की शादी 18 वर्ष व लड़के की शादी 21 वर्ष से पहले की जाती है तो वह कानून अपराध की श्रेणी में आता है।
इसके अलावा उन्होंने सभी ग्राम पंचायतों से भी आह्वान किया है कि वे बाल विवाह को रोकने में प्रशासन का सहयोग करें और सुनिश्चित करें कि उनके गांव में कोई भी बाल विवाह की घटना न होने पाए। उन्होंने जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सामूहिक विवाह आयोजित करने वाली सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं से भी समन्वय स्थापित करें और उन्हें बताएं कि इस प्रकार के सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित करने से पहले उपायुक्त कार्यालय को जरूर सूचित करें।
डीसी ने अक्षय तृतीया पर सतर्क रहने तथा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने पुजारियों, हलवाई, टेंट हाउस, बैंड पार्टी, प्रिंटिंग प्रेस तथा अन्य प्रकार की सेवाएं देने वाले सभी प्रदाताओं के साथ मीटिंग करें। उन्होंने आह्वान किया कि कहीं भी बाल विवाह जानकारी मिलती है तो 1098, 112, 181, 01746 235130 तथा 9813453138 नंबर पर सूचना दें। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा। इसके अलावा डीसी प्रीति ने डीएसपी गुरविंद्र को निर्देश दिए कि गत 24 मार्च को दर्ज किए गए मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई करें।
इस अवसर पर सीडल्यूसी चेयरमैन राणा बंसल, जिला कार्यक्रम अधिकारी गुरजीत कौर, डीएसपी गुरविंद्र सिंह, बाल विवाह निषेध अधिकारी सुनीता, जिला बाल संरक्षण अधिकारी प्रदीप कुमार, शिक्षा विभाग से संजय शर्मा मौजूद रहे।