सदर थाना एसएचओ कुलदीप सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में शिव शंकर पुरी और डेरे के मुख्य महंत दूजपुरी के बीच सिगरेट उठाने को लेकर विवाद होने की बात सामने आई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मुख्य महंत सहित कुछ अन्य साधुओं से पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम और जांच के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
बाबा लदाना का डेरा बाबा राजपुरी क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। मान्यता है कि डेरे की स्थापना करीब 550 वर्ष पहले हुई थी। बाबा राजपुरी का जन्म 1690 में हुआ था। उन्होंने करीब आठ वर्ष की आयु में गांव बात्ता जाकर चोला धारण किया और संत सरस्वती पुरी को अपना गुरु बनाया। बाद में उन्होंने अपनी साधना और परंपरा को आगे बढ़ाया। डेरे में बाबा राजपुरी के 360 धूणे होने की भी मान्यता है। विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु रामकृष्ण परमहंस के गुरु तोतापुरी को भी इस डेरे की परंपरा से जोड़ा जाता है। तोतापुरी डेरे के प्रमुख महंतों में रहे। रामकृष्ण परमहंस आगे चलकर स्वामी विवेकानंद के गुरु बने।
डेरे की महंत परंपरा में सिद्ध पुरी, भंडार पुरी, शुद्ध पुरी, ज्ञान पुरी, तोतापुरी, चेतनपुरी और हजारी पुरी जैसे संतों के नाम शामिल हैं। वर्तमान में दूजपुरी डेरे के मुख्य महंत हैं।
डेरे में प्रतिदिन चार बार आरती होती है। पहली आरती सुबह चार बजे, भोग आरती दोपहर 11:30 बजे, तीसरी आरती दोपहर तीन बजे और इसके बाद शाम को संध्याकालीन आरती होती है। धार्मिक परंपरा के अनुसार यहां 31 ज्योत भी जगाई जाती हैं। बाबा राजपुरी की पूजा, बात्ता डेरे का भंडारा और क्योड़क की अलख क्षेत्र में प्रसिद्ध है।
डेरे में दशहरे के बाद विशाल धार्मिक मेला आयोजित होता है। चांदनी एकादशी के अवसर पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। मेले के दौरान हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। अंतिम दिन राज्य स्तरीय कुश्ती दंगल भी कराया जाता है, जिसमें नामी पहलवान भाग लेते हैं। श्रद्धालु यहां दूध, घी और आटा चढ़ाते हैं। मान्यता है कि दूध चढ़ाने से पशुधन में वृद्धि और सुख-शांति बनी रहती है, जिसके कारण इसे दूधाधारी बाबा का डेरा भी कहा जाता है।
डेरे के पास करीब 80 एकड़ भूमि और लगभग 135 पशु बताए जाते हैं। डेरे में मौजूद अधिकांश पशु श्रद्धालुओं द्वारा मनोकामना पूरी होने पर दान किए गए हैं। परिसर में करीब 400 वर्ष पुराना जाल या पीलू का पेड़ भी मौजूद है, जिसे श्रद्धालु विशेष आस्था से देखते हैं। फिलहाल पुलिस हत्या के मामले में हर पहलू से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।