कैथल। सहकारी समिति में घोटाले के तीनों आरोपी अतिरिक्त रजिस्टार संजय हुड्डा, जितेंद्र कौशिक और कृष्ण बैनीवाल को विभाग ने निलंबित कर दिया है। इससे पहले एसीबी की ओर से आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
विदित हो कि आरोपी संजय गिरफ्तारी से पहले सोनीपत के द सहकारी बैंक में कार्यरत थे। इससे पहले वह रेवाड़ी, झज्जर, पानीपत और कैथल के सहकारी बैंक में भी ड्यूटी दे चुके हैं। कैथल में वह 2021-2022 में कार्यरत रहे। अब सभी जगहों से एसीबी की ओर से रिकॉर्ड को तलब किया जा रहा है। उस समय ही एकीकृत सहकारी कल्याण परियोजना का अतिरिक्त रजिस्टार रहते हुए आरोपी जितेंद्र ने संजय हुड्डा के सहकारी बैंक में प्रबंधक रहते हुए ही पैक्स में सामान के लिए कोटेशन मंगवाई थी। क्योंकि वर्ष 2017 के बाद से एकीकृत सहकारी कल्याण परियोजना के तहत पैक्स में सामान से लेकर अन्य सुविधाएं देने की शक्तियां सरकार ने अतिरिक्त रजिस्टार को दे दी थी। इसी प्रकार से आरोपी जितेंद्र से पहले कार्यरत अतिरिक्त रजिस्टार कृष्ण बैनीवाल पर भी फर्जी बिल बनवाकर घोटाले का आरोप है।
संजय ने भतीजे के खाते में डलवाए थे एक लाख, पूछताछ के लिए की जा रही तलाश
एसीबी अंबाला के डीएसपी पवन शर्मा ने बताया कि इस मामले में अब तक संजय हुड्डा की भूमिका की जांच की गई है। इसमें सामने आया कि आरोपी संजय जो भी फर्जी बिल बनाकर रुपये ऐंठता था, वह उसे घरेलू कार्य में खर्च कर देता था। आरोप है कि वह शराब पीने का भी आदी है।
डीएसपी ने बताया कि संजय ने जिस रिश्तेदार के खाते में करीब एक लाख रुपये डलवाए थे। रिश्ते में वह संजय का भतीजा लगता है। वह इस समय फरार चल रहा है। एसीबी को उसकी तलाश है। उसे भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जाएगी। दूसरी ओर संबंधित विभाग ने तीनों आरोपियों को निलंबित कर दिया है।