गांव प्यौदा में 36 बिरादरी के लोगों ने सद्भावना पंचायत का आयोजन कर सामाजिक एकता बनाए रखने का संकल्प दोहराया। लोगों ने यह भी फैसला लिया कि जो भी व्यक्ति अपने निजी स्वार्थ की राजनीति के लिए 36 बिरादरी को दो फाड़ करने का प्रयास करेगा, उसे सहन नहीं किया जाएगा।
गांव में नीम वाली चौपाल में हुई एक सद्भावना पंचायत में36 बिरादरी के लोगों ने भाग लिया। लोगों ने कहा कि वे यह जातीय विभाजन नही होने देंगे। वे पहले भी एक थे और आगे भी एक रहेंगे। कुछ स्वार्थी नेता व लोग अपने भले के लिए आपसी भाई चारे को तोड़ने का काम कर रहे है। गांव में ऐसे लोगों को घुसने नही दिया जाएगा। गांव का प्रत्येक जात का व्यक्ति गांव में इस ताने बाने को पहले से भी अधिक मजबूत करने के लिए हर समय तैयार खड़ा दिखाई देगा। जाट आंदोलन के दौरान कुछ उपद्रवियों द्वारा जो उत्पात मचाया गया।
उनका जात पात से कोई संबंध नहीं है। ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। समाज में एक दूसरे के बिना सब अधूरे हैं। ऐसी अकेली कोई बिरादरी नहीं है, जो एक दूसरे के बिना अपना जीवन यापन कर सके। उनका भाई चारा ज्यों का त्यों बना रहेगा। सब मिलकर हरियाणा में फिर से भाई चारा कायम करेंगे। इस पंचायत में 36 बिरादरी के मदन शर्मा, पूर्व सरपंच साधु राम, सतवीर शर्मा, नफे सिंह, राम मेहर, जगवीर, टेक चंद वाल्मीकि, कृष्ण वाल्मीकि, राजेंद्र प्रजापत, दीपा प्रजापत, शंभु प्रजापत, सुरेश गोस्वामी, नवीन गोस्वामी, जिला नायक, अजमेर नायक, सिंधु नायक, छोटा नाई, महेंद्र, बलबीर हरिजन, महेंद्र हरिजन, धूपा हरिजन, राकेश शर्मा, पवन शर्मा अनेक लोग शामिल थे।