कैथल। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में चार लाख सात हजार 416 बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोलियां खिलाई जाएंगी। बच्चों के पेट में खानपान के कारण होने वाली दिक्कतों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने राष्ट्रीय कृमि मुक्त सप्ताह शुरू किया है। एल्बेंडाजोल की एक गोली से बच्चों को परजीवी कृमियों से बचाने का प्रयास किया जाएगा। कृमि मुक्ति अभियान लगातार एक सप्ताह तक चलेगा, जिसमें आयु वर्ग के अनुसार एक से 19 साल तक के बच्चों व किशोरों को गोलियां खिलाई जाएंगी। इस काम में महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ-साथ शिक्षा विभाग का भी सहयोग लिया जाएगा।
गौरतलब है कि जिले में कक्षा प्रथम से लेकर आठवीं तक पढऩे वाले विद्यार्थियों की संख्या 76 हजार से ज्यादा है। इन सभी बच्चों को एल्बेंडाजोल खिलाई जाएंगी, ताकि पेट के अंदर पनप रहे कीड़े समाप्त हो जाएं और बच्चे का शारीरिक विकास सही ढंग से हो सके। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों में जाने वाले छोटे बच्चों और माध्यमिक स्तर से ऊपर की कक्षाओं में पढ़ने वाले 19 वर्ष तक के विद्यार्थियों को गोलियां दी जानी हैं।
कई बार छोटे बच्चे एनीमिया या फिर पेट से संबंधित बीमारी का शिकार हो जाते हैं इसलिए चिकित्सक बच्चों को सफाई के साथ-साथ समय-समय पर एल्बेंडाजोल की गोलियां लेने के लिए सलाह देते हैं। सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि विभाग ने कृमि मुक्त सप्ताह शुरू कर दिया है। विभाग की टीमें रोजाना बच्चों को शिक्षण संस्थानों, घरों व आंगनबाड़ी केंद्रों में बुलाकर एल्बेंडाजोल खिलाएंगी।
सीवन के आंगनबाड़ी केंद्र में खिलाई गोली-सीवन में आंगनबाड़ी वर्कर प्रेमलता कोहली के सेंटर में राष्ट्रीय कृमि मुक्त सप्ताह मनाया गया। एक से पांच वर्ष तक बच्चों को पेट के कीड़े मारने के लिए एल्बेंडाजोल की गोलियां खिलाई गई। प्रेमलता कोहली ने बताया कि एनीमिया जैसी समस्या खानपान से होती है इससे बच्चों का वजन अचानक तेजी से घटने लगता है। ये गोलियां बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी हैं। इस अवसर पर आशा वर्कर मीना देवी, हेल्पर निर्मला रानी व छोटे बच्चों की माताएं मौजूद रही।