कैथल। एडीसी डॉ. सुशील मलिक ने कहा कि इस वर्ष राष्ट्रीय कृमिनाशक दिवस 21 अप्रैल को मनाया जाएगा। इस अभियान के तहत एक से 19 वर्ष तक के बच्चों और किशोरों और 20 से 24 वर्ष तक की महिलाओं को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी।
जिले में करीब 4.35 लाख बच्चों और किशोरों को कृमि मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि अभियान को सफल बनाने के लिए आपसी तालमेल के साथ कार्य करें। एडीसी वीरवार को लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि स्कूलों की प्रार्थना सभाओं में विद्यार्थियों को कृमि मुक्ति के प्रति जागरूक किया जाए। महिला एवं बाल विकास विभाग को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा श्रम विभाग को भट्ठों और अन्य श्रमिक स्थलों पर कार्यरत परिवारों के बच्चों की सूची तैयार कर उन्हें दवा उपलब्ध कराने को कहा गया। वहीं शहरी निकाय एवं पंचायती राज विभाग को मुनादी करवाकर ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस मौके पर डीडीपीओ रितु लाठर, जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी गुरजीत कौर, एआईपीआरओ अमित कौशिक मौजूद रहे। सिविल सर्जन डॉ. रेणु चावला ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों, सरकारी एवं निजी स्कूलों के माध्यम से बच्चों और किशोरों को यह दवा खिलाई जाएगी।
इसके साथ ही अन्य शिक्षण संस्थानों, पॉलिटेक्निक कॉलेजों और ईंट-भट्ठों पर भी विशेष टीमों के जरिए दवा वितरण किया जाएगा। जो लाभार्थी 21 अप्रैल को दवा नहीं ले पाएंगे, उन्हें 5 मई 2026 को मॉप-अप राउंड के दौरान दवा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पेट में कीड़े होने से बच्चों में खून की कमी (एनीमिया), कुपोषण और शारीरिक व मानसिक विकास में बाधा उत्पन्न होती है। नियमित रूप से एल्बेंडाजोल की खुराक लेने से इन समस्याओं से बचाव संभव है। संवाद