कैथल। जिले में 21 अप्रैल को राष्ट्रीय कृमिनाशक दिवस के तहत बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाएगा, जिसमें करीब 4.35 लाख बच्चों और किशोरों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी। इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को पेट के कीड़ों से मुक्त कर उनके स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार लाना है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस अभियान के तहत 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों और किशोरों के साथ-साथ 20 से 24 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं को भी दवा दी जाएगी।
जिलेभर में स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, निजी शिक्षण संस्थानों, पॉलिटेक्निक कॉलेजों और ईंट-भट्ठों पर विशेष टीमों के माध्यम से दवा वितरण सुनिश्चित किया जाएगा जिससे कोई भी पात्र लाभार्थी छूट न सके। जो बच्चे या किशोर 21 अप्रैल को दवा लेने से वंचित रह जाएंगे उन्हें पांच मई 2026 को मॉप-अप राउंड के दौरान कवर किया जाएगा। इसके लिए अलग से व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार पेट में कीड़े होने से बच्चों में एनीमिया (खून की कमी), कुपोषण और शारीरिक व मानसिक विकास में बाधा उत्पन्न होती है। ऐसे में नियमित अंतराल पर एल्बेंडाजोल की खुराक देना बेहद जरूरी है, जिससे बच्चों का संपूर्ण विकास सुनिश्चित हो सके। अभियान को सफल बनाने के लिए शिक्षा विभाग के माध्यम से स्कूलों में बच्चों को जागरूक किया जाएगा, वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को इसके महत्व के बारे में बताएंगी। श्रम विभाग की ओर से भट्ठों पर रहने वाले परिवारों के बच्चों को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा। संवाद
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मुनादी करवा कर लोगों को जागरूक किया जाएगा
अभियान बारे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मुनादी करवा कर लोगों को जागरूक किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक बच्चे इस अभियान का लाभ उठा सकें। यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है। वे अपने बच्चों को इस अभियान के तहत दवा जरूर दिलवाएं। जिससे उन्हें कृमि संक्रमण से बचाया जा सके और उनका स्वास्थ्य बेहतर बना रहे। यह अभियान बच्चों के स्वस्थ भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
विकास धवन, डिप्टी सिविल सर्जन