फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaithal News: वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में, 10 तक स्कूल बंद

Wed, 08 Nov 2023 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


कैथल। मंगलवार को जिले में हवा की गुणवत्ता एक बार फिर से ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गई। देर शाम एक्यूआई 402 दर्ज किया गया। सोमवार को इसमें मामूली सुधार हुआ था और एक्यूआई 369 रहा था। इससे पहले शनिवार को 405 और रविवार को 470 दर्ज किया गया था। यह ‘’गंभीर’’ श्रेणी में दर्ज किया गया था। प्रदूषण के हालात देखते हुए पहली से पांचवीं तक के स्कूल 10 नवंबर तक बंद करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना काल की तरह कई हिदायतें भी जारी की हैं।

गौरतलब है कि जिले में वायु प्रदूषण में दिन प्रतिदिन उतार चढ़ाव चल रहा है। मंगलवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक फिर से 400 पार होकर 402 पर पहुंच गया। आंकड़ों के मुताबिक, बीते 15 दिनों वायु प्रदूषण का स्तर 350 से ऊपर चल रहा है। यह बेहद खराब श्रेणी में आता है। जिला प्रशासन ने वायु प्रदूषण का प्रभाव बच्चों पर न पड़े इसके लिए आठ से 10 अक्तूबर तक का अवकाश भी घोषित कर दिया है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 29.1 व न्यूनतम तापमान 16.1 डिग्री दर्ज किया है।
विज्ञापन


दूसरी ओर हालात देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी बचाव के लिए हिदायतें जारी कर दी हैं। इनमें मास्क लगाने और सुबह के समय सैर के लिए बाहर निकलने को लेकर प्रतिबंध लगाया है। इस समय वायु प्रदूषण के बढ़ने के साथ ही सांस, आंख और एलर्जी के मरीज बढ़े हैं।

उधर, खेतों में फसल अवशेष जलाने के अब तक 352 मामले सामने आ चुके हैं। इसमें किसानों पर पांच लाख 25 हजार रुपये जुर्माना वसूला गया है और अब तक 55 किसानों पर एफआईआर दर्ज की गई है। विदित रहे कि जिले में वायु प्रदूषण को स्तर स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक श्रेणी में है। कृषि विभाग के अधिकारी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी प्रदूषण पर नियंत्रण का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब तक वायु प्रदूषण में कोई सुधार नहीं हुआ है। वायु को साफ करने के लिए पेड़ पौधों पर भी पानी का छिड़काव किया जा रहा है। इसके बावजूद प्रदूषण की रोकथाम पर कोई खास असर दिखाई नहीं दे रहा है।
विज्ञापन


फसल अवशेष प्रबंधक के नोडल अधिकारी एवं सहायक कृषि अभियंता जगदीश मलिक ने कहा कि फसल अवशेष जलाने के मामले दो दिन से कम होने लगे हैं। जो धान बची है किसान अब उसे पशुओं के चारे में प्रयोग करेंगे। अब कोई भी फसल अवशेष में आग नहीं लगाता, बल्कि उसे बचाता है। इस सीजन में 252 मामले हुए और 55 एफआईआर दर्ज हुई है।

स्वास्थ्य विभाग की हिदायतें
- सुबह की सैर से बचे।
- आंखों को पानी से बार-बार धाेएं।
- मास्क लगाएं
- सांस की बीमारी से संबंधित मरीज बाहर घूमने से बचे।
- सांस को लेकर अधिक परेशानी हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें