कैथल। करवाचौथ की रात संदिग्ध परिस्थितियों में शहर से घर वापस लौटते समय घायल हो गए शेरगढ़ सरपंच संदीप कुमार (31) की शनिवार सुबह चंडीगढ़ पीजीआई में मौत हो गई। वहां से लौटकर आए नाराज परिजनों के साथ ग्रामीणों ने अज्ञात आरोपियों पर हत्या का आरोप लगाते हुए दोपहर करीब एक बजे शेरगढ़ चौक पर जींद रोड पर जाम लगा दिया। सूचना पर सिविल लाइन थाना पुलिस की टीम के साथ डीएसपी उमेद सिंह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाकर करीब ढाई बजे जाम खुलवाया।
ग्रामीणों के मुताबिक, पुलिस जांच में बताया गया है कि सरपंच की मौत सड़क दुर्घटना के कारण हुई है। हालांकि उन्होंने सवाल भी उठाए कि यदि दुर्घटना होती तो सरपंच के शरीर पर चोटों के निशान होते और उसकी मोटरसाइकिल भी क्षतिग्रस्त मिलती लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ग्रामीणों और परिजनों का दावा है कि सरपंच के शव को देखा तो पाया कि उसकी गर्दन पर किसी हथियार से चोटें मारी गई थी। आशंका जताई कि इसी वजह से उसकी मौत हो गई होगी।
मृतक के चचेरे भाई रोहताश ने बताया कि एक नवंबर की शाम सरपंच संदीप कुमार घर का कुछ जरूरी सामान लेने के लिए कैथल गए थे। रात करीब 10 बजे जब वह गांव वापस आ रहे तो यह घटना हो गई। उनके गंभीर रूप से घायल होने की सूचना के बाद वे उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ लेकर गए थे, जहां शनिवार को उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जिन आरोपियों ने उनके भाई की हत्या की, वे उनके गले से सोने की चेन, रुपये अंगूठी, पर्स व अन्य सामान भी ले गए। रोहताश ने कहा कि इससे भी दुर्घटना नहीं हत्या की आशंका है।
हालांकि डीएसपी के आश्वासन पर ग्रामीणों ने जाम तो खोल दिया, लेकिन साथ ही पुलिस व प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर सोमवार तक इस संबंध में कार्रवाई पूरी नहीं की गई तो वे फिर से सड़क पर जाम लगाएंगे। मौके पर पहुंचे डीएसपी उमेद सिंह ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि इस मामले की गहनता से जांच की जाएगी। पुलिस की ओर से गांव के दो व्यक्तियों को साथ लेकर कैथल से शेरगढ़ तक बीच में आने वाले संस्थानों व दुकानों के कैमरे खंगाले जाएंगे। अगर किसी ने सरपंच की हत्या की है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस आश्वासन पर ग्रामीणों ने जाम खोल दिया। इसके बाद अस्पताल से सरपंच का शव गांव में ले जाकर उसका संस्कार करवाया गया।