प्रधान पद को लेकर जारी है विवाद
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अग्रवाल युवा सभा के चुनाव को लेकर उपजा विवाद कैथल शहर की अग्रवाल बिरादरी के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है। सोमवार को कई लोगों द्वारा सभा छोड़े जाने के साथ ही मंगलवार को संस्था के संस्थापक प्रेम सिंगला और चन्द्र प्रकाश गोयल जिन्होंने युवा सभा की नींव 1979 में रखी थी, ने अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।
वे रवि भूषण गर्ग के निवास स्थान पर पत्रकारों से रूबरू थे। उन्होंने दूसरे गुट पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे इस संस्था के संस्थापक थे। केवल 14 सदस्य थे जिन्होंने इस संस्था की नींव रखी, जिसका ध्येय केवल समाज हित में कार्य करना था परन्तु आज यह स्थिति देखने को मिलेगी इस बात का तनिक भी एहसास नहीं था। दुखी मन से उन्होंने कहा कि चुनाव समिति द्वारा यह पूर्ण रूप से धक्काशाही हुई है, जो कि गलत है। राजनीतिक द्वेष से कार्य किया गया है जो कि संस्था का हित करने की बजाय अहित होगा। हम अपना समर्थन रवि भूषण को देते हैं और अपनी सदस्यता को छोड़ रहे हैं।
सभा के पूर्व चेयरमैन धर्मवीर कैमिस्ट ने अग्रवाल युवा सभा पर आरोप लगाते हुए कहा कि सभा में प्रजातंत्र का गला घोटना एक औछा हथकंडा है। अगर सब कुछ पहले ही तय कर लिया था तो फिर चुनाव का दिखावा करने की आवश्यकता क्या थी। उनको चाहिए था कि वो पहले ही प्रधान का नाम घोषित कर देते अन्यथा जिस आदमी के पास 80 प्रतिशत समर्थन था, उसे प्रधान बना कर अच्छी और स्वच्छ परम्परा का सबूत देते। सभा के इस कार्य से वे बहुत दुखी हैं और रवि भूषण गर्ग द्वारा बनाई नई संस्था अग्रवाल सभा से जुड़ कर नए सिरे से समाज कल्याण में कार्य करेंगे।
इसके अलावा नरेश मित्तल वरिष्ठ सदस्य, राजीव गुप्ता पूर्व महासचिव, अशोक सिंगला पूर्व कोषाध्यक्ष, गगन मित्तल सदस्य और शुभम सिंगला ने भी सभा छोड़ने का एलान किया।