संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर की नई अनाज मंडी के सैंकड़ों आढ़तियों के मार्केट कमेटी से बने आढ़त के लाइसेंस नवीकरण न होने से आढ़ती खफा हैं।
गौरतलब है कि कमेटी ने वर्ष 2017 में लगभग 340 लाइसेंस अवैध घोषित कर दिए थे। ये लाइसेंस इस लिए अवैध घोषित किए गए थे कि वे ऊपर चौबारों में एक दुकान पर दो, मंडी से बाहर या फिर दुकानों का साइज बोर्ड की आरे से निर्धारित साइज 10 गुणा 80 का नहीं था। इस पर सभी आढ़ती हाईकोर्ट में चले गए थे। उस समय लाइसेंस थोड़े समय के लिए रिन्यू करके राहत मिलती रही।
कोर्ट ने इस मामले का डिसमिस करके बोर्ड के सीए के पास भेज दिया गया। फरवरी 2023 में कमेटी की ओर से फिर लाइसेंसों को अवैध करार दे दिया और आढ़तियों ने मार्केटिंग बोर्ड के सीए के पास रिन्यू करने के लिए अपील दायर की।
इसे कुछ समय बाद सी ए द्वारा रद्द कर दिया गया। इस दौरान लगभग 340 लाइसेंस में केवल 140 के लगभग लाइसेंस इस वजह से रह गए कि कुछ आढ़तियों ने अतिरिक्त मंडी में अपनी दुकानें ले ली और कुछ ने किराये
पर तथा कुछ ने कार्य छोड़ दिया गया। बाकी रहते लगभग 140 में से लगभग 42 फिर से हाईकोर्ट की शरण में और 100 से अधिक ने बोर्ड के एसीएस के पास अपील दर्ज करवाई।
लगभग 42 आढ़तियों को माननीय हाईकोर्ट से फाइनल फैसला होने तक काम करने की अनुमित मिल गई, परंतु जो एसीएस के पास गये थे, उनको एसीएस क ओर से सीए के पास भेज दिया गया। वर्ष 2024 में लोकसभा व विधानसभा के चुनाव को देखते हुए बोर्ड की ओर से अप्रैल 2024 में नो माह के लिए यानी 31 दिसंबर 2024 तक सभी लाइसेंस रिन्यू कर दिए गए। अब जब यह तारीख निकल गई तो अब मार्केट कमेटी द्वारा सभी आढ़तियों को रिन्यू करने से जवाब दे दिया गया। इतना ही नहीं हाईकोर्ट जाने वाले आढ़तियों को भी यह कह कर रिन्यू से जवाब दे दिया कि बोर्ड से उनको ऐसी कोई अनुमति नहीं आई।
यह बात अलग है कि जिन आढ़तियों का मामला हाईकोर्ट मेंं है, उनके आदेश अनुसार कमेटी उनका कार्य बंद नही कर सकती, लेकिन उनको बैंकों में बनी अपनी लिमिट रिन्यू करवाने में परेशानी जरूर आयेगी। इसी को देखते हुए कुछ आढ़तियों ने डाक के माध्यम से अपने रिन्यू के कागजात कमेटी में भेज दिये है। यहां यह उल्लेख करना भी जरूरी है कि इसके साथ- साथ मुख्यमंत्री व अन्य नेताओं के आदेशों व धरना प्रदर्शन करने पर भी पिछले सात साल तक आढ़तियों को राहत मिलती रही है। अब भी पूर्व विधायक लीला राम के साथ मंडी प्रधान रामकुमार व आढ़तियों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री को यह समस्या हल करने के लिए गया था, जहां से आढ़तियों को आश्वासन तो मिला है, लेकिन यह समस्या हल कब होगी, यह भविष्य में गर्भ में छिपा हुआ है।
मार्केट कमेटी सचिव नरेंद्र ढुल ने कहा कि उनका कार्य चलता रहेगा और यदि बोर्ड से आदेश आते है तो उनके लाइसेंस भी रिन्यू कर दिए जाएंगे।
यह है पूरा मामला
वर्ष 2017 में अनाज मंडी में आढ़त का काम करने वाले 342 आढ़तियों के लाइसेंस अवैध बताए गए थे। विभाग ने कहा था कि ये आढ़ती चौबारे में या फिर मंडी से बाहर बैठे हुए हैं। आढ़तियों के पास 10 गुणा 85 साइज की दुकानें नहीं है, इसलिए इनके लाइसेंस रद्द किए जाए। इसके बाद इस मुद्दे को लेकर आढ़तियों ने विभाग के खिलाफ रोष जताया था। मार्केट कमेटी कार्यालय का घेराव भी किया था। विभाग के इस फैसले के बाद आढ़ती वर्ष 2021 में हाईकोर्ट चले गए थे। 201 आढ़तियों ने दो अलग-अलग समूहों में केस दायर किया था। अब इसी केस में सुनवाई करते हुए पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय ने आढ़तियों को राहत दी है।