संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर में हाल ही में हुई दो दौर की बारिश के बाद सड़कों की हालत और खराब हो गई है। कई इलाकों में सड़कों के टूटने से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन संबंधित विभाग इस समस्या को लेकर उदासीन बना हुआ है।
सबसे ज्यादा खराब हालत विश्वकर्मा चौक से खुराना रोड और बाइपास से पटियाला रोड पर ड्रेन तक देखी जा रही है, जहां सड़कें जगह-जगह से उखड़ चुकी हैं। इसके अलावा, कैथल-करनाल मुख्य मार्ग, कैथल-चीका रोड, पटियाला मार्ग, और खनौरी रोड की भी हालत खराब है।
हादसों का बढ़ रहा खतरा ः सड़कों पर फैली बजरी और गड्ढों के कारण खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। लोगों का कहना है कि मरम्मत के नाम पर विभाग सिर्फ लीपापोती करता है। डाली गई बजरी टिकती नहीं क्योंकि उसमें तारकोल की मात्रा बेहद कम होती है, जिससे सड़क और फिसलन भरी हो जाती है।
स्थानीय निवासी विनोद, कर्म सिंह, हरजिंद्र, जतिन और जीवन ने बताया कि खराब क्वालिटी के पैचवर्क के कारण सड़कें कुछ ही दिनों में फिर से उखड़ जाती हैं। लोगों ने मांग की है कि सड़क निर्माण करने वाले ठेकेदारों की जवाबदेही तय की जाए और मरम्मत कार्य में बेहतर सामग्री का उपयोग किया जाए।
नालों की ऊंचाई भी बन रही समस्याशहर में अधिकतर सड़कों के दोनों ओर बने नाले सड़कों से ऊंचे हैं। इस वजह से हल्की बारिश में भी पानी सड़क पर बहने लगता है, जिससे सड़कों की हालत और खराब हो जाती है। पूंडरी रोड पर तो हालत यह है कि बारिश के समय सड़कें तालाब में बदल जाती हैं। कस्बावासियों ने स्थानीय विधायक और प्रशासन से शहर में जल निकासी की बेहतर व्यवस्था कराने की मांग की है।
बारिश के बाद जो भी सड़कें टूटती हैं, उन्हें समय पर मरम्मत कराया जाता है। यदि कहीं और भी समस्या है तो विभाग उसकी जांच कराएगा और संबंधित ठेकेदार को मरम्मत का निर्देश दिया गया है। -राजकुमार, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग (पीडब्लूडी)