ढांड। पांच गांवों की सीमा के बीच स्थित मां भगवती मंदिर साध वाला कुआं के संचालक दूधाधारी बाबा रामगिरी जी महाराज 87 साल की उम्र में ब्रह्मलीन हो गए। बाबा रामगिरी दूध के साथ जीवन यापन करने वाले प्रसिद्ध तपस्वी संत थे। वे समाजसेवा के साथ विशाल भंडारे के लिए कई जगहों पर जाया करते थे।
मंदिर के बलकार सिंह ने बताया कि बाबा को सोमवार 12 बजे समाधि दिए जाने का कार्यक्रम शुरू किया गया।
ऐसे में बड़ी संख्या में वीवीआइपी, महंत और साधु-संतों के अलावा विभिन्न प्रदेशों से भी काफी संख्या में बाबा के भक्त पहुंच गए।
इससे पूर्व समाधि स्थल पर षोडषोपचार पूजा की गई। फिर महाराज के पार्थिव शरीर का अभिषेक किया गया और यज्ञशाला तक भ्रमण कराया गया। इस दौरान भजन-कीर्तन का भी आयोजन किया गया। संवाद