संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। देश भर में दशहरा उत्सव के चलते नवरात्र में रामलीला का मंचन किया जाता है। गत वर्ष से स्कूलों में भी रामलीला मंचन की परंपरा शिक्षा विभाग ने शुरू की लेकिन इस बार विधानसभा चुनावों के कारण यह आयोजन गड़बड़ा गया। ऐसे में अब दशहरे के बाद राजकीय स्कूलों में रामलीला मंचन का पूर्वाभ्यास शुरू होगा तो वहीं दिवाली से पहले अंतिम मंचन किया जाएगा।
चुनाव की ड्यूटी के बाद नौ अक्तूबर से शिक्षक भी स्कूलों में अपनी कक्षाओं में लौट आए हैं। ऐसे में आयोजन की तैयारी शुरू हो गई हैं। विभाग की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है। जिसके अनुसार, प्राथमिक विद्यालयों में 27 अक्तूबर तक रामलीला का पूर्वाभ्यास होगा। वहीं 28 अक्तूबर को प्रमुख दृश्यों का विद्यार्थी मंचन करेंगे। ऐसे में दशहरे के बाद राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में भी छोटे बच्चे रामलीला करते नजर आएंगे।
इस दौरान सीता स्वयंवर, लक्ष्मण परशुराम संवाद, रावण-अंगद संवाद और भरत मिलाप जैसे रोचक दृश्यों का विद्यार्थी मंचन करेंगे। विद्यालयों में शिक्षा विभाग की ओर से निपुण हरियाणा मिशन के तहत बाल रामलीला के नाम से यह आयोजन होगा। इसके लिए हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से सभी जिलों के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक, खंड शिक्षा अधिकारी, जिला निपुण समन्वयक को पत्र जारी किया है। पत्र में रामलीला करवाने को लेकर नियम व आदेश भी जारी किए हैं।
दो वर्गों के अलग-अलग होंगे संवाद : पहली व दूसरी कक्षा के बच्चों के लिए अलग और तीसरी से पांचवीं के बच्चों के लिए अलग संवाद तैयार किए जाएंगे। यही नहीं बच्चों को रामलीला का पूर्वाभ्यास भी करवाया जाना है। अभी स्कूलों में परीक्षाएं भी चल रही हैं, यह महीना परीक्षा में गुजर जाएगा। दूसरी तरह अध्यापक व्यस्त होंगे, ऐसे में इसका क्रियान्वयन दोनों के लिए मुश्किल होगा। बाल रामलीला में बच्चे श्रीराम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान, अंगद, सुग्रीव सहित रामायण के अन्य पात्रों का किरदार निभाते हैं।