कैथल। पिछले करीब पांच वर्ष से चिल्ड्रन पार्क स्थित स्केटिंग मैदान में लाइट की सुविधा नहीं है। साथ ही मैदान के किनारों पर लगी लोहे की ग्रिल भी टूटी चुकी हैं। बिना लाइट के अंधेरे में अभ्यास करते समय खिलाड़ियों को बहुत समस्या आ रही है।
अंधेरे के कारण कई बार मैदान में लगी सीमा रेखाएं खिलाड़ियों को नजर नहीं आती। इसके बावजूद अधिकतर खिलाड़ी अंधेरे में ही अभ्यास कर रहे हैं। इसमें से कुछ खिलाड़ी तो ऐसे हैं, जो राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर स्वर्ण पदक जीत चुके हैं।
खिलाड़ी दीपेश ने हाल ही पूना में आयोजित प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर पर भाग लिया था। अंडर-14 में राहुल व दीपेश ने स्वर्ण पदक जीते। अंडर 11 में खिलाड़ी रूबल व सोमेश स्वर्ण पदक जीते। अंडर नौ आयु वर्ग में खिलाड़ी भव्या ने कांस्य पदक जीता।
इसके अलावा खिलाड़ी वंदना, अराध्या, अर्धय, अंतरा, शुशांत, रक्षित, भव्य, विवान, पर्व, यश, राहुल व हितेश भी यहां अंधेरे में अभ्यास करते हैं। सभी खिलाड़ियों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि मैदान पर लाइटों की उचित व्यवस्था जाए, ताकि वे अपनी प्रतियोगिताओं के लिए अच्छी तैयारी कर सकें।
स्केटिंग कोच मुस्कान सैनी ने बताया कि वह चिल्ड्रन पार्क स्थित स्केटिंग मैदान पर पिछले तीन वर्षों से खिलाड़ियों को अभ्यास करवाती हैं। इस मैदान पर लगभग 40 खिलाड़ी बिना लाइट के अंधेरे में ही अभ्यास करते हैं।
लाइट न होने की यह समस्या लगभग पांच वर्षों से है। इस स्केटिंग मैदान के चारों ओर कोई बड़ी लाइट नहीं हैं। सीनियर खिलाड़ी मैदान में रात के नौ बजे तक भी बिना लाइटों के अभ्यास करते है। इसमें कुछ लड़कियां भी अभ्यास करने आती हैं, जो शाम को छह से आठ बजे तक अभ्यास करती हैं।
मैदान पर अंधेरा होने कारण खिलाड़ियों को खेलने में हमें बहुत परेशानी होती है। मैदान से दूर एक लाइट लगी है। जिसकी रोशनी मैदान पर बिल्कुल नहीं आती और खेलते समय बाउंड्री लाइन नजर नही आती। वे इस संबंध में कई बार कमेटी से बात कर चुके हैं पर सुनवाई नहीं हुई।
वर्ष 2022 में जब सुरभि गर्ग नप अध्यक्ष बनी ओर वह पार्क में दौरा करने पहुंची थी तो सभी ने मैदान में लाइट की समस्या उनके समक्ष रखी थी। यहां पर उन्होंने लाइट तो लगवाई पर वह मैदान से दूर लगी है। जिसकी रोशनी भी मैदान नही आती। ऐसे में खिलाड़ी कैसे अपना अभ्यास कर पाएंगे। संवाद
इस समस्या की जानकारी नहीं है। यदि खिलाड़ियों को लाइटों से संबंधित कोई समस्या है तो वे इस बारे उन्हें लिखित में शिकायत दें। इसका जल्द ही समाधान करवा दिया जाएगा। -कुलदीप मलिक, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद कैथल