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Kaithal News: सप्ताहभर बाद फिर बारिश से ढांड की तीनों मंडियां जलमग्न

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15 ढांड 01 ढांड की अनाज मंडी में बारिश के पानी में डूबी धान की बोरियां और ढेरियां।02 करनाल-पटि
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ढांड। सप्ताहभर पहले हुई बारिश के बाद वीरवार सुबह फिर हुई मूसलाधार बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। ढांड की तीनों अनाज मंडियों में जलभराव होने से खुले में रखी धान की ढेरियां और बोरियां पानी में डूब गईं। कई जगह करीब दो फीट तक पानी जमा होने से किसानों के सामने फसल बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है।
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बारिश ने मंडियों में पानी निकासी के इंतजामों की पोल खोल दी। किसानों का कहना है कि हर साल धान के सीजन में ऐसी स्थिति बनती है लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया जाता। मंडियों में जगह की कमी के कारण कई किसानों ने धान सड़कों के किनारे और खेतों में रखा हुआ था। वहां भी पानी भरने से धान भीग गया। मिट्टी और कीचड़ के कारण फसल को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना भी मुश्किल हो रहा है।

खरीद में देरी से बढ़ी परेशानी

किसान सुरेश कुमार, मदन, बलजीत, जगदीश, इस्मा, प्रवीण और नरेश कुमार ने बताया कि वे पहले ही धान की खरीद में देरी और सरकारी खरीद प्रक्रिया से जुड़ी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि समय पर खरीद हो जाती तो फसल को इस तरह खुले में नहीं रखना पड़ता। अब भीगी धान को सुखाने और खराब होने से बचाने की चिंता सता रही है।
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किसानों ने सवाल उठाया कि हर साल बारिश के दौरान जलभराव होने के बावजूद मंडियों में पानी निकासी के पुख्ता प्रबंध क्यों नहीं किए जाते। उन्होंने प्रशासन और संबंधित एजेंसियों से खरीद में तेजी लाने तथा स्थायी निकासी व्यवस्था करने की मांग की।

खेतों और सड़कों के किनारे भी धान प्रभावित

मंडी से बाहर रखी धान की ढेरियां भी बारिश की चपेट में आ गईं। खेतों और सड़कों के आसपास पानी जमा होने से बोरियां डूब गईं। किसानों को आशंका है कि लंबे समय तक नमी रहने से धान की गुणवत्ता खराब हो सकती है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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