जिला बार एसोसिएशन ने डीसी के व्यवहार से क्षुब्ध होकर बुधवार को अदालतों में काम-काज का बहिष्कार कर दिया। वकीलों ने न्यायिक परिसर में स्थित अदालतों का एक दिन के लिए सांकेतिक बहिष्कार किया तो रेवन्यू अदालतों का अनिश्चितकाल के लिए बहिष्कार कर दिया। वकीलों का कहना है कि डीसी ने अदालत में मामलों की सुनवाई के दौरान वकीलों से दुर्व्यवहार किया। उस समय बार के प्रधान अशोक गौतम भी डीसी की अदालत में मौजूद थे। बहिष्कार के कारण बुधवार को अदालतों में काम काज नहीं हो पाया। जिस कारण मुवक्किलों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
जिला बार एसोसिएशन के प्रधान अशोक गौतम ने कहा कि मंगलवार बाद दोपहर डीसी की अदालत में काफी संख्या में वकील अपने केसों के सिलसिले में पहुंचे हुए थे। जहां वकीलों की संख्या अधिक होने के कारण उन्होंने डीसी को कहा कि जिन केसों में केवल तारीख लगनी है या फिर हाजिरी लगनी है, उन केसों को पहले निपटा दें। जिन केसों में बहस होने के कारण समय लगना है, उन्हें बाद में निपटा लें।
प्रधान ने कहा कि यह बात सुनकर डीसी भड़क गए। डीसी ने यहां तक कह दिया कि उन्होंने उनके दूसरे कार्यों का ठेका नहीं ले रखा है। वे अपने तरीके से सुनवाई करेंगे। प्रधान ने कहा कि इतने सारे केसों में बहस सुनने पर सभी वकीलों को कई घंटों तक इंतजार करना पड़ता। जिसके विरोध में उसी समय सारे वकील वहां से आ गए।
सुबह वकीलों ने बैठक कर डीसी सहित सभी राजस्व अदालतों एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट, डीआरओ, तहसीलदार की अदालतों में काम-काज के बहिष्कार का फैसला लिया। साथ ही एक दिन के लिए न्यायिक अदालतों का भी सांकेतिक बहिष्कार कर दिया। बहिष्कार के दौरान जो भी वकील अदालत में चला गया, उस पर 11 हजार रुपये जुर्माना किए जाने का फैसला लिया गया। गौतम ने कहा कि वकीलों ने प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री को भेजा है। जिसमें तुरंत प्रभाव से डीसी के तबादले सहित लघु सचिवालय में स्थित कार्यालयों में भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की मांग की है।
बार एसोसिएशन के प्रधान ने कहा कि न्यायिक अदालतों में वीरवार से काम होगा। यहां एक दिन के लिए सांकेतिक काम काज ठप रखा गया है। लेकिन राजस्व अदालतों का अनिश्चितकाल के लिए बहिष्कार जारी रहेगा।
बैठक को संबोधित करने वालों में एडवोकेट सरजीत सिंह, मनोज चौहान, दीपक सेठ, सुरेन्द्र रांझा, रणधीर ढुल, हरपाल सिंह, कर्ण कालड़ा सहित जिला बार एसोसिएशन के सचिव चरणजीत, शिव कुमार, मनिंदर सिंह, प्रदीप हरित, जसवंत सिंह, केएल भारद्वाज, ईश्वर मलिक सहित अन्य वकील भी उपस्थित थे।
उधर, डीसी ने अपने ऊपर लगने आरोपों पर कहा कि उन्होंने दुर्व्यवहार जैसी कोई बात नहीं की। उनकी यहां नियुक्ति से पहले ही अदालत का जो समय निर्धारित है उसी समय अनुसार कोर्ट ले रहे हैं। वकीलों से बात की जाएगी। उनकी कोई शिकायत होगी तो उसे दूर किया जाएगा।