बाल उपवन में रह रहीं तीन साल आठ माह की अंजली को बुधवार को बेल्जियम के व्यापारी दंपती ने गोद लिया है। सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं के बाद बाल उपवन आश्रम में आयोजित एक कार्यक्रम में बेल्जियम से दंपती निस क्रिज और मार्टिन व उनके दो बेटों के चेहरे अंजली को पाकर खिल उठे। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि सीजेएम तरणजीत कौर मौजूद रहीं। इस अवसर पर आश्रम समिति के प्रधान रविभूषण गर्ग व अन्य सदस्य बच्ची को दंपती को सौंपकर खुश दिखाई दे रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंदिर समिति के प्रधान रविभूषण गर्ग ने की।
सीजेएम तरनजीत कौर ने बेल्जियन दंपती निस क्रिज और मार्टिन से बातचीत की और उनके इस कदम की सराहना की। उन्होंने कहा कि बेटियों के प्रति इस तरह के कदम उठाने की जरूरत है। तरनजीत कौर ने बेल्जियन दंपती को सम्मानित भी किया। रविभूषण गर्ग ने बताया कि सभा द्वारा चलाए जा रहे बाल उपवन आश्रम में जहां 30 बच्चे आश्रय पाए हुए हैं, तो वहीं स्पेशल एडोप्शन एजेंसी में दो साल से भी कम उम्र के 10 बच्चों को पाला जा रहा है। इसके साथ ही सभा द्वारा वृद्ध आश्रम भी चलाया जा रहा है। वे सभा सदस्यों, समाज व प्रशासन के सहयोग से समाजसेवा के कार्य इसी प्रकार से बढ़ चढक़र करते रहेंगे। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी रेनू पसरीचा, अजय श्रीवास्तव, धर्मबीर केमिस्ट, सचदेव चौधरी, पुनीत चौधरी, सुभाष गोयल, नरेश गर्ग, प्रेम चंद सिंगला, चंद्रप्रकाश गोयल, रामकुमार शोरेवाला, मुकेश निरवानी, डीसीपीओ कुलदीप सिंह, बाल कल्याण समिति के सदस्य राणा बंसल आदि उपस्थित थे।
चार साल के प्रयास रंग लाए
बेल्जियन दंपती निस क्रिज तथा मार्टिन ने बताया कि वे भारतीय बेटी को गोद लेना चाहते थे। इसके लिए उन्हें करीब चार साल का इंतजार करना पड़ा लेकिन अब उनके इंतजार के साथ-साथ उनका परिवार भी पूरा हो गया है। मार्टिन का कहना था कि बेटी के बिना परिवार अधूरा होता है। मार्टिन ने बताया कि वे बचपन से समाजसेवा से जुड़ी हैं। उन्होंने इसी शर्त पर निज क्रिस से शादी की थी कि वे बेटी को गोद लेंगी। उनके पास दो लड़के जोरर ओर जोसफ हुए लेकिन बेटी की चाह कम नहीं हुई। उन्होंने बेल्जियम सरकार की अनाथ या असहाय बच्चे पाने के लिए संस्थान रे आफ होप पर रजिस्ट्रेशन करवाते हुए सभी आवश्यक कार्यवाही पूरी की। रे आफ होप ने भारतीय एडोप्शन एजेंसी सेंट्रल रिसोर्सिज एडोप्शन आथोरिटी से संपर्क करते हुए दंपती के आवेदन को भेजा। करीब चार साल के इंतजार के बाद पोर्टल के माध्यम से आनलाइन तौर से दंपती को कैथल के श्री सनातन धर्म सभा द्वारा चलाए जा रहे बाल उपवन आश्रम स्पेशलाइज्ड एडोप्शन में पल रही तीन साल आठ माह की बच्ची अंजली का चयन हुआ। सभी तरह की कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर दंपती 17 सितंबर को कैथल पहुंचा तथा 18 सितंबर को सभी कार्यवाही कर बेटी को अपने साथ ले गए।
दंपती के साथ कैथल पहुंचे उनके बेटी जोरर और जोसफ अंजली के रूप में बहन को पाकर अति उत्साहित नजर आ रहे थे। वे बार-बार अंजली को चूम रहे थे तथा अंजली भी उनके साथ मात्र एक दिन में घुलमिल गई। अंजलि को कुरुक्षेत्र से कैथल बाल उपवन लाया गया था।