संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले के बाद अमृतसर से डिपोर्ट किए गए लोगों में से 11 लोग कैथल जिले से हैं। अब इन लोगों के परिवार सहित अन्य रिकॉर्ड को लेकर जिला प्रशासन की ओर से जांच शुरू
की जाएगी।
इन लोगों को वीजा नियमों के उल्लंघन और अवैध प्रवास के कारण अमेरिका से डिपोर्ट किया गया है। अमेरिका से डिपोर्ट हुए जिले के 11 लोगों में एक महिला भी शामिल है। इनमें अधिकतर लोग ग्रामीण क्षेत्रों से संबंध रखते हैं।
डीएसपी मुख्यालय वीरभान ने बताया कि अभी तक डिपोर्ट किए गए लोगों की आधिकारिक सूची सरकार या उच्च अधिकारियों से प्राप्त नहीं हुई है।
लोगों की सूची मिलते ही सभी व्यक्तियों के रिकॉर्ड की जांच की जाएगी और यदि किसी की आपराधिक पृष्ठभूमि पाई गई तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इन लोगों के परिजनों में बेचैनी का माहाैल देखा जा रहा है।
प्रशासन इस मामले में विस्तृत जांच करेगा और आधिकारिक सूची के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं। - वीरभान, डीएसपी मुख्यालय, कैथल।
मनदीप जमीन बेचकर तो गुरप्रीत कर्ज लेकर गए थे अमेरिका
गुहला-चीका/ कैथल। गोहला स्योमाजरा का मनदीप सिंह (25) एक साल पहले डंकी मार्ग से अमेरिका गया था। मनदीप के परिवार ने जमीन बेचकर उन्हें उसे अमेरिका भेजा था। वहां पहुंचते ही मनदीप सिंह के अमेरिकी इमीग्रेशन की टीम ने उसे हिरासत में ले लिया था। उसके परिजन तभी से परेशान थे। जबकि अरनौली गांव निवासी गुरप्रीत सिंह (33) दो बच्चों का पिता है। बेहतर भविष्य की उम्मीद पाले गुरप्रीत रिश्तेदारों से छह माह पहले डंकी मार्ग से अमेरिका गया था। उसे वापस भारत भेजे जाने से परिवार गहरे सदमे में है। संवाद
ये हुए हैं डिपोर्ट
प्यौंदा निवासी अभिषेक
धुंधरेहड़ी साहिल
कैथल शहर निवासी जितेश वालिया
अटैला निवासी अमन कुमारnखेड़ी साकरा निवासी ओमी देवी
कसान निवासी अंकित
मटौर निवासी संदीप
कैथल शहर निवासी रमेश
अरनौली निवासी गुरप्रीत
गांव काकौत निवासी प्रिंस
स्यों माजरा निवासी मनदीप
जमीन बेचकर संदीप सपने पूरे करने गया था अमेरिका
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अमेरिका से एक फरवरी को डिपोर्ट होकर कैथल पहुंचे संदीप ने बताया कि वो साल 2023 में डंकी रास्ते एक महीने बाद अमेरिका पहुंचा था।
बाद में उसे काम करने के लिए अस्थायी वीजा दिया गया। जब वह अपने केस की सुनवाई के लिए इमिग्रेशन दफ्तर पहुंचा तो उसे वहां से गिरफ्तार करके डिटेंशन सेंटर में रखा गया और एक फरवरी को डिपोर्ट कर दिया।
संदीप ने बताया कि उसने अमेरिका जाने के लिए अपनी दो एकड़ खेती की जमीन बेचकर एजेंट को 42 लाख रुपये
दिए थे।
इसी प्रकार कैथल के अटेला का अमन कुमार व धुंधरेहड़ी का रहने वाला साहिल भी डिपोर्ट होने वालों में शामिल है। उसके पिता चरण सिंह ने बताया, साहिल को करीब छह महीने पहले ही 40 लाख का कर्ज लेकर डंकी मार्ग से अमेरिका भेजा था। वह एक छोटा किसान और करीब डेढ़ एकड़ जमीन पर खेती हैं। वह तभी से अमेरिकी पुलिस की हिरासत में था। अब उसे वापस भेज दिया गया है। साहिल को लेने के लिए परिजन अमृतसर पहुंच चुके हैं। वे वीरवार को कैथल पहुंचेंगे।
सांसद सुरजेवाला ने सरकार को घेरा ः कांग्रेस नेता व राज्यसभा सदस्य रणदीप सिंह सुरजेवाला ने एक्स पर सरकार को घेरा है। सुरजेवाला ने लिखा, डिपोर्ट होकर कैथल पहुंचे संदीप की दास्तां झकझोर देने वाली है। उसे काम करने के लिए अमेरिका में टेंपररी वीजा दिया गया। जब संदीप अपने केस की सुनवाई के लिए इमिग्रेशन दफ्तर पहुंचा तो उसे वहां से गिरफ्तार करके डिटेंशन सेंटर में रखा गया और एक फरवरी को डिपोर्ट कर दिया।
अमेरिका जाने के लिए संदीप के परिवार ने अपनी दो एकड़ जमीन बेचकर 42 लाख रुपये एजेंट को दिए। लिखा कि हरियाणा में बेरोजगारी के चलते हर दिन ऐसी खबरों आती हंै। पलायन की यह पीड़ा पूरे हरियाणा की है पर भाजपा की डबल इंजन सरकार को इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। नौजवान बेरोजगारी के कोल्हू में पीसे जा रहे हैं।