कैथल की अतिरिक्त मंडी के बाहर लगी ट्रैक्टर-ट्राली की लाइन। संवाद
कैथल। अनाज मंडियों में धान की भारी आवक के बीच फसल के उठान की धीमी रफ्तार परेशानी बन गई है। मंडियों में जाम की स्थिति से निपटने और उठान कार्य में तेजी लाने के लिए प्रशासन की ओर से मंगलवार को अतिरिक्त मंडी को बंद रखा गया। इस फैसले के कारण मंडी में केवल खरीदे गए धान की बोरियों को ट्रकों में लादने का काम किया गया और नई आवक पूरी तरह ठप रही।
दूसरी ओर इस व्यवस्था से अनजान किसान अपनी ट्रॉलियां लेकर रात तीन बजे से ही मंडी के बाहर लंबी लाइनों में खड़े हो गए। खेड़ी गुलाम अली के किसान देवीराम ने बताया कि उन्हें मंडी बंद होने की सूचना नहीं थी।
किसानों को गेटपास नहीं मिल सके जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मार्केट कमेटी की तरफ से मंगलवार को अतिरिक्त मंडी को बंद रखा गया था, जहां केवल उठान का कार्य किया गया। इसी कड़ी में बुधवार को नई अनाज मंडी को बंद रखने का निर्णय लिया गया है, ताकि वहां जमा स्टॉक को राइस मिलों और गोदामों में भेजा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जब तक मंडियों से उठान नहीं होगा, तब तक नई फसल को उतारने के लिए जगह नहीं बचेगी।
कैथल की अतिरिक्त मंडी के बाहर लगी ट्रैक्टर-ट्राली की लाइन। संवाद
कैथल की अतिरिक्त मंडी के बाहर लगी ट्रैक्टर-ट्राली की लाइन। संवाद