संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नशा मुक्त अभियान के तहत पुलिस की टीमों ने वीरवार को सांघन, पाडला, गुहणा, सजुमा, गढ़ी में आमजन को नशा ना करने बारे जागरूक किया। टीम ने नशे को आपराधिक गतिविधियों की जड़ बताया। उधर, डीसी ने बताया कि जिले में 11 वैध नशा मुक्ति संचालित किए जा रहे हैं। इनमें दो सरकारी व नौ प्राइवेट केंद्र हैं।
उन्होंने कहा कि इनके अलावा अगर कोई अन्य नशा मुक्ति संचालित किया जा रहा है तो वह अवैध माना जाएगा। डीसी ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से ऐसे केंद्रों पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, ताकि लोगों को सुरक्षित एवं प्रभावी ईलाज मिल सके। आमजन भी अवैध रूप से चल रहे नशा मुक्ति केंद्रों की सूचना डाॅ. नवराज सिंह (9992473022), जिला समाज कल्याण अधिकारी (7027539020) को दे सकते हैं।
उन्होंने बताया कि वैध नशा मुक्ति केंद्रों की सूची जारी करते हुए बताया कि जिला में सरकारी तौर पर नशा मुक्ति एवं परामर्श केंद्र सामान्य अस्पताल कैथल व गुहला उपमंडल अस्पताल में है।
इसके अलावा गैर सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों में अग्रवाल मनोरोग एवं नशा मुक्ति केंद्र नजदीकी काॅरपोरेशन बैंक चीका, गांव अजीमगढ़ में अरदास अस्पताल में श्री गुरू नानक चेतना फाउंडेशन ट्रस्ट परामर्श-कम-पुनर्वास केंद्र वार्ड नंबर 15 गुहला, ब्राइट फ्यूचर जन कल्याण ट्रस्ट परामर्श-कम-पुनर्वास केंद्र वार्ड नंबर 12 चीका, नई किरण अस्पताल समर्थ नशा मुक्ति केंद्र अजीमगढ़, निर्वाण मनोरोग अस्पताल चीका, मनो आधार नशा मुक्ति केंद्र अजीमगढ़, दीपक नशा मुक्ति केंद्र चीका में शामिल है।
उधर टीम में शामिल इंस्पेक्टर रामलाल, एएसआई ओमप्रकाश, एचसी सुनील कुमार व होमगार्ड शमशेर सिंह ने लोगों को जागरूक किया। समझाया कि नशा एक सामाजिक बुराई है। इसका सेवन हितकारी नहीं है।
उन्होंने कहा कि नशा शरीर में रोगों व आपराधिक गतिविधियों की जड़ है। नशा का सेवन करने वाला व्यक्ति समाज में अपना मान सम्मान खो देता है। नशा से आर्थिक नुकसान के साथ साथ शारीरिक नुकसान भी होता है। इस बुराई के खिलाफ सामाजिक आंदोलन चलाने की जरूरत है।
नशा मुक्ति अभियान की सफलता के लिए हम खुद सही होंगे तो समाज खुद-ब-खुद सुधर जाएगा। नशा मुक्ति के लिए समाज सहयोग चाहिए होगा।