संवाद न्यूज, एजेंसी
कैथल। पंजाब निवासी गुरचरण को अगवा कर उस पर जानलेवा हमला करने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने वारदात में शामिल दो से तीन आरोपियों की पहचान कर ली है, जो फिलहाल पुलिस की पकड़ से दूर हैं और लगातार अपने ठिकाने बदल रहे हैं।
पुलिस ने आरोपियों द्वारा इस्तेमाल की गई कार और बाइक की भी पहचान कर ली है। बताया गया कि आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की सात टीमें पंजाब के अलग-अलग इलाकों में लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
डीएसपी कुलदीप बेनीवाल ने बताया कि वारदात को अंजाम देने वाले दो से तीन आरोपियों की पहचान हो चुकी है, जो अभी तक पकड़े नहीं गए हैं। वारदात में इस्तेमाल कार और बाइक की भी पुष्टि हो चुकी है। पुलिस की सात टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
यह था मामला
गांव चिचड़वाली निवासी गुरचरण ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसने सरपंच का चुनाव लड़ा था। चुनावी रंजिश के चलते शुतराणा हलके के विधायक कुलवंत बाजीगर और अन्य लोग उससे नाराज़ थे। 28 अक्तूबर को गुरचरण दोस्त के साथ कैथल के खरकां गांव से बजरी लेकर लौट रहा था। रास्ते में कार ने उसकी गाड़ी को रोका, जिसमें से चार युवक उतरे। उन्होंने गुरचरण को जबरन कार में बैठाया और वीडियो कॉल की। गुरचरण के अनुसार, कॉल पर विधायक का बेटा दिखाई दिया, जिसने आरोपियों को धमकाया कि अगर उसके पिता के खिलाफ दोबारा वीडियो डाला तो उसे जान से मार देंगे। इसके बाद आरोपियों ने लोहे की रॉड से गुरचरण की दोनों टांगे तोड़ दीं। जब उन्होंने पिस्तौल में गोलियां भरीं, तभी आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। भीड़ देखकर आरोपी मौके से भाग गए।
पुलिस ने इस मामले में विधायक कुलवंत बाजीगर, उसके बेटों हरप्रीत और हरजीत समेत कई अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया था। बाद में विधायक ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए शिकायतकर्ता पर चोरी और अन्य आरोप लगाए थे।