संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले के जसवंती गांव में फर्जी निवेश कंपनी बनाकर लोगों ने निवेशकों के 100 करोड़ रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। ठगी का िशकार हुए लोगों ने जसवंती गांव में शनिवार को पहुंचकर प्रदर्शन किया।
एक अनुमान के मुताबिक, इस मामले में करीब 900 लोगों से ज्यादा के ठगे जाने की आशंका जताई जा रही है। इस फर्जीवाड़ा के शिकार हुए लोगों का आरोप है कि उन्हें महज 25 महीने में रुपये दोगुने करने का लालच दिया गया था। उनके रुपये लेकर कंपनी बनाने वाले निदेशक बने दो आरोपी संचालक गुरबाज और सोनू विदेश भाग गए हैं।
जानकारी के अनुसार, इन आरोपियों ने बीट फैक्सो नाम की एक कंपनी बनाई और 25 महीनों में निवेश की गई राशि को दोगुना करने का लालच देकर फर्जीवाड़ा करते हुए लोगों को फंसाया। कंपनी ने पहले कुछ लोगों को रिटर्न दिया, जिससे आम जनता का भरोसा बढ़ा, लेकिन जब बड़ी रकम निवेश हो गई, तो इसके संचालक गुरबाज और सोनू निवेशकों का करोड़ों रुपये लेकर विदेश भाग गए।
प्रदर्शन करने वालों के मुताबिक, यह बिट फिक्स कंपनी करीब तीन साल पहले गांव जसवंती के गुरबाज और सोनू ने स्थापित की थी। विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए पिहोवा और कुरुक्षेत्र में ऑफिस भी खोले गए थे। इन कार्यालयों में कंपनी के एजेंट और कर्मचारी निवेशकों को यह भरोसा दिलाते थे कि उनका पैसा सुरक्षित है। 25 महीनों में 100 प्रतिशत अधिक का रिटर्न मिलेगा। कंपनी ने शुरू में कुछ लोगों को निवेश पर लाभ देकर उनके जरिए प्रचार करवाया।
इसके बाद कई पुलिसकर्मियों, डॉक्टरों, बिजनेसमैन और ग्रामीणों सहित कई लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई इसमें लगा दी। किसी ने रिटायरमेंट का पैसा लगाया, तो किसी ने अपनी जमीन बेचकर निवेश कर दिया, लेकिन जैसे ही कंपनी को बड़ी रकम मिल गई, इसके मालिक फरार हो गए और कार्यालय बंद कर दिए गए।
कंपनी में रुपये लगा कर ठगी का शिकार हुए निवेशक शनिवार को कैथल के जसवंती गांव में पहुंचे। कंपनी के संचालक इसी गांव के हैं। लोगों ने इंटरपोल और अन्य एजेंसियों की मदद से इन आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। जसवंती गांव में पहुंचे रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी रामेश्वर सिंह ने कहा कि अपनी रिटायरमेंट की पूरी राशि बिट फिक्स में लगा दी थी। शुरू में उन्होंने अच्छा मुनाफा दिया, लेकिन फिर अचानक पैसा देना बंद कर दिया और अब वे फरार हो गए हैं। मैंने पूरी जिंदगी की कमाई गवां दी।
किसान सुमित कुमार ने कहा कि अपनी ज़मीन बेचकर इस स्कीम में पैसे लगाए थे, क्योंकि उसे यकीन दिलाया गया था कि इससे अच्छा लाभ मिलेगा। अब उसके पास न पैसा बचा और न ही ज़मीन। सरकार को हमारी मदद करनी चाहिए। इस मामले में सदर थाना प्रभारी मुकेश कुमार ने बताया कि कंपनी बनाने वाले जिन दो आरोपियों पर आरोप पीड़ित लगा रहे हैं। उनके खिलाफ इसी मामले में कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा थाने में केस दर्ज है। यदि फिर भी लिखित में शिकायत आती है तो कार्रवाई की जाएगी।