एक महिला के घुटने में गलत टीका लगाए जाने के कारण टांग खराब हो गई, उसके आपरेशन करने की नौबत आ गई है। पुलिस ने इस संबंध में डॉक्टरों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
गांव पबनावा निवासी मियां सिंह ने पुलिस को शिकायत दी है कि उसकी पत्नी मुखत्यारो देवी पिछले कई सालों से घुटनों में दर्द से परेशान है। वह पिछले साल 27 नवंबर को अपनी पत्नी को ढांड में स्थित एक अमन अस्पताल में इलाज के लिए गया। इस दौरान इन्हें डॉ. मोहिंद्र सिंह व उनकी पत्नी और डॉ. अमन कुमार मिले। उसने उक्त डॉक्टरों को बीमारी के बारे में अवगत कराया। इसके बाद उनकी पत्नी का यहां से इलाज शुरू हो गया। डा. महेंद्र सिंह व डा. अमन कुमार ने अमन अस्पताल में महिला की टांग में दो टीके लगाकर और साढ़े सात सौ रुपये लेकर उसे घर वापस भेज दिया। इसके बाद उसकी पत्नी के घुटनों में दर्द और सूजन शुरू हो गई। इसके अगले दिन वह उक्त डॉक्टरों के पास पहुंचा और पत्नी की हालत के बारे में बताया। यहां दोबारा डॉक्टरों ने इसे दवाइयां देकर घर भेज दिया। 27 नवंबर से लेकर दो दिसंबर तक डॉक्टरों के द्वारा उसकी पत्नी का इलाज जारी रहा। लेकिन आराम नहीं लगा। इसके बाद उसकी पत्नी की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और दोबारा उक्त दोनों डॉक्टरों से संपर्क किया गया। इसके बाद दूसरे अस्पताल में इलाज के लिए बोला गया। इसके बाद वह अपनी पत्नी को अपना अस्पताल कुरुक्षेत्र में दाखिल करवाया गया जहां डॉक्टरों द्वारा जांच के बाद पत्नी को गलत टीके लगाए जाना बताया गया। इसके बाद घुटने में ज्यादा दिक्कत हुई और 70-80 हजार रुपये के खर्च पर घुटने का ऑपरेशन करवाना पड़ा। चार दिसंबर से लेकर मार्च 2021 तक उसकी पत्नी यहां दाखिल रही। इसके बाद दोबारा से उसकी पत्नी की टांग दर्द की समस्या शुरू हो गई। यहां डॉक्टरों द्वारा स्थिति खराब होने पर टांग काटने तक नौबत बताई गई। इसके वह अपनी पत्नी को सिग्नस अस्पताल में इलाज के लिए लेकर आया। यहां दोबारा ऑपरेशन व अन्य खर्च के तीन लाख रुपये बताया गया। यहां उसकी पत्नी का इलाज जारी है। आरोप है कि अमन अस्पताल के तीनों डॉक्टरों द्वारा उसकी पत्नी को गलत टीका लगाने पर यह स्थिति बनी है। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन के लिए जमीन व पत्नी के आभूषण तक बेचने पड़े। इस पूरे घटनाक्रम के बारे में जब उक्त तीनों डॉक्टरों को बताया गया तो आरोपियों द्वारा जातिसूचक शब्द बोलकर जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दी गई। जांच अधिकारी डीएसपी रवींद्र कुमार ने बताया कि शिकायतकर्ता के बयान पर महिला डॉक्टर सहित चार के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।