कैथल। गाड़ी लेकर उसकी किस्तें न भरने और बाद में गाड़ी वापस न देने के मामले में पुलिस ने आरोपी गांव संदौला जिला कुरुक्षेत्र निवासी विक्रम को काबू कर लिया। व्यापक पूछताछ के लिए आरोपी का न्यायालय से तीन दिन के लिए पुलिस रिमांड हासिल किया गया है।
पुलिस प्रवक्ता प्रवीन ने बताया कि गांव ढयोड़ खेड़ी निवासी जसविन्द्र की शिकायत के अनुसार कैथल में उसकी एक फर्म है जिसमें वह अकेला प्रोपराइटर है। उसने अप्रैल 2025 में अपनी फर्म के नाम से एक गाड़ी ली। गाड़ी पर बैंक से लोन करवाया था जो कि गाड़ी की मासिक किस्त 49600 रुपये है और गाड़ी की कुल 59 किस्त हैं जोकि हर महीने की 17 तारीख तक जमा करवानी होती है। उसने गाड़ी की 59 किस्तों में से 17 अप्रैल 2026 तक कुल 12 किस्तें बैंक में जमा करवाई। 30 अप्रैल 2026 को उसके पास बैंक मैनेजर रवि का फोन आया और उसने कहा कि वह गाड़ी की बकाया किस्तों की एवज में गाड़ी को अपनी जान-पहचान वाले व्यक्ति को दिलवा देगा। बकाया लोन भी उसी व्यक्ति के नाम ट्रांसफर करवा दिया जाएगा। इसके बाद रवि ने उसकी मुलाकात ईस्लाम व विक्रम से करवाई और गाड़ी उनको देने के बारे में सहमति हुई।
मई में गाड़ी दे दी गई। गाड़ी की 17 अप्रैल 2026 के बाद कुल 47 किस्तें बकाया थी, जो आरोपियों ने नहीं जमा कराई। 15 जून को जब उसने आरोपियों के पास अपनी गाड़ी के लोन की किस्त जमा करवाने या गाड़ी वापस करने के बारे में फोन किया तो आरोपियों ने लोन की किस्त जमा करवाने से और गाड़ी वापस करने से साफ-साफ इन्कार कर दिया। उन्होंने गाड़ी की नंबर प्लेट भी बदल दी। इस बारे में थाना सिविल लाइन में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।