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Kaithal News: झमाझम बारिश से मौसम सुहाना, जलभराव से मुश्किलें, कृषि क्षेत्र के लिए फायदेमंद

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सेक्टर-19 में सड़क पर भरे पानी में से गुजरते स्कूली बच्चे।
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कैथल। जिले में वीरवार को करीब 12 बजे से शुरू हुई तेज और रुक-रुक कर हो रही झमाझम बारिश ने जहां एक तरफ तपती गर्मी से आमजन को बड़ी राहत दी है। वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक दावों की पोल खोलकर रख दी है। सुबह करीब 12 बजे आसमान में अचानक काले बादल छा गए और देखते ही देखते तेज बौछारें शुरू हो गईं। इसके बाद दोपहर से लेकर शाम तक बारिश का दौर रुक-रुक कर लगातार जारी रहा।
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इस बारिश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई जिससे पिछले कई दिनों से उमस और गर्मी झेल रहे जिला वासियों ने राहत की सांस ली। अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जिससे मौसम काफी सुहावना हो गया है। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिले में शाम चार बजे तक करीब 30-32 एमएम बारिश दर्ज की जा चुकी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले एक-दो दिनों तक क्षेत्र में बादल छाए रह सकते हैं और हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है।
शहर के कई मुख्य मार्ग और कॉलोनियां जलमग्न
तेज बारिश के कारण शहर के ड्रेनेज सिस्टम की कमियां एक बार फिर उजागर हो गईं। मात्र कुछ घंटों की बारिश से ही शहर के तमाम मुख्य मार्ग, चौक-चौराहे और रिहायशी इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए। शहर के प्रमुख क्षेत्रों जैसे अर्जुन नगर, शक्ति नगर, चंदना गेट, छात्रावास रोड और सब्जी मंडी में सड़कों पर दो से तीन फीट तक पानी जमा हो गया। इसके अलावा भगत सिंह चौक, सेक्टर 19 और जिला सचिवालय के मुख्य गेट के सामने भी भारी जलभराव देखने को मिला। सड़कों पर पानी भरने के कारण वाहन चालकों और पैदल चलने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई दुपहिया वाहन पानी के बीच में ही बंद हो गए, जिससे लोगों को धक्का मारकर गाड़ियां बाहर निकालनी पड़ीं। सब्जी मंडी और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में पानी घुसने के कारण दुकानदारों का कामकाज भी प्रभावित हुआ। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर बार मानसून की पहली बारिश में ही शहर का यही हाल होता है, लेकिन प्रशासन द्वारा जल निकासी के पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाते।
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कृषि क्षेत्र के लिए संजीवनी बनी बारिश
शहर के लोगों को जलभराव से परेशानी हुई लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों और कृषि क्षेत्र के लिए यह बारिश फायदेमंद साबित हुई है। कृषि अधिकारी हरमीत सिंह ने बताया कि जिले में शाम चार बजे तक हुई करीब 30-32 एमएम बारिश से फसलों को काफी लाभ पहुंचेगा। खासकर इस समय खेतों में की जा रही धान की रोपाई के लिए यह पानी बेहद फायदेमंद है। धान उत्पादक किसानों के चेहरे इस बारिश को देखकर खिल उठे हैं। किसान विक्रम कसाना का कहना है कि इस प्राकृतिक सिंचाई से न केवल उनकी फसलों की ग्रोथ अच्छी होगी, बल्कि उन्हें ट्यूबवेल चलाने के लिए महंगे डीजल और बिजली पर भी निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इसके अलावा बाजरा, हरा चारा और अन्य मौसमी फसलों को भी इस बारिश से नया जीवन मिला है।

सेक्टर-19 में सड़क पर भरे पानी में से गुजरते स्कूली बच्चे।

सेक्टर-19 में सड़क पर भरे पानी में से गुजरते स्कूली बच्चे।

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