कैथल से राजस्थान सीमा तक बन रहा नेशनल हाईवे कलायत क्षेत्र में जानलेवा साबित हो रहा है। रविवार को गांव बात्ता और कैलरम के बीच में हुए सड़क हादसे में एक महिला की मौत हो गई जबकि सात लोग घायल हो गए। इस रोड पर यह चार दिन में चौथा हादसा है।
घायलों में से एक को पीजीआई रेफर किया गया है। मृतक और घायल लोग हिसार के गांव बालक के रहने वाले हैं जो गांव तितरम में एक युवक की मौत पर शोक प्रकट करने आए थे।
जानकारी के अनुसार पिछले सप्ताह गांव तितरम निवासी एक युवक की सड़क हादसे में हुई थी। इस युवक की मौत पर शोक प्रकट करने के लिए हिसार के गांव बालक से उनके संबंधी आए थे। वे शोक प्रकट करने के बाद जा रहे थे कि गांव बात्ता और कैलरम के बीच नेशनल हाईवे पर उनकी मारुति कार की सामने से आ रही ऑल्टो के साथ टक्कर हो गई।
बालक निवासी महिला सावित्री देवी (55) की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उसके साथ कार में सवार बालक निवासी राजेश (34), केसर देवी (55), पूनम (32), मानव (7), राजेश कुमार (35) घायल हो गए। सभी घायलों को पहले कलायत के सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया गया जहां से कैथल अस्पताल में भेज दिया गया। यहां चिकित्सकों ने राजेश कुमार की गंभीर हालत को देखते हुए पीजीआई रेफर कर दिया गया।
वहीं ऑल्टो कार में सवार दो व्यक्ति भी गंभीर रुप से घायल हो गए। इन दोनों को एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। बताया जा रहा है कि इन घायलों में से एक पुलिस कर्मचारी है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। कलायत पुलिस थाना अधिकारियों ने जांच आरंभ कर दी है।
कलायत अस्पताल ने नहीं ली सुध
घायल राजेश कुमार ने बताया कि पहले उन्हें कलायत के अस्पताल में ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने दर्द से कराहते लोगों को टीका तक नहीं लगाया। उन्हें सीधे कैथल रेफर कर दिया।
जानलेवा साबित हो रहा है नेशनल हाईवे
नेशनल हाईवे एक सप्ताह से जानलेवा साबित हो रहा है। यहां चार दिन से लगातार मौत का तांडव हो रहा है। सबसे पहले दिन हुई दुर्घटना में दो मासूम बच्चों की मौत के साथ तितरम निवासी सतीश कुमार की भी सड़क हादसे में मौत हो गई थी। रविवार को हुए हादसे में मृतका और उनके परिजन सतीश कुमार की मौत पर शोक प्रकट करने के लिए आए थे लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। लोगों ने प्रशासन से मांग की कि नेशनल हाईवे पर हो रहे काम के दौरान रोड पर गहरे गड्ढे न बनाएं जाएं। इन्हीं गड्ढों के कारण हादसे हो रहे हैं।