संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। प्यौदा रोड स्थित हैफेड के निर्माणाधीन गोदाम में शुक्रवार को एसीबी की टीम पहुंची और गोदाम की मरम्मत में इस्तेमाल हो रहे लोहे के सरिये और अन्य निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच की। टीम ने गेज से पैमाना करते हुए लोहे के सरिये की जांच की और अन्य सामग्री के सैंपल भी लिए। दस्तावेजों का मिलान किया गया कि टेंडर में उल्लिखित गुणवत्ता के अनुसार ही काम हो रहा है या नहीं।
एसीबी की लगातार दबिश से विभागीय इंजीनियर और एजेंसी ठेकेदार में हड़कंप का माहौल है। प्राथमिक तौर पर सैंपल में अनियमितताएं पाई गई हैं, जिसके आधार पर जिम्मेदारों की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पंचकूला की टीम ने फिलहाल सामग्री के छह सैंपल मधुबन लैब भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद एजेंसी के खिलाफ आगामी कार्रवाई तय होगी।
प्रोफाइल सीट, लैब और शौचालय निर्माण की भी हुई जांच ः जांच टीम ने बुधवार को करीब तीन घंटे तक निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। टीम ने प्रोफाइल सीट, लैब और शौचालय के निर्माण कार्य सहित एजेंसी द्वारा प्रयुक्त सीमेंट, सरिया और ईंटों की जांच की। नींव से लेकर पूरी दीवार तक सभी स्तरों पर निरीक्षण किया गया। हैफेड ने प्योदा रोड पर वर्ष 2002 में नौ एकड़ में यह गोदाम बनाया था। उद्घाटन मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने किया था। 23 साल बाद गोदाम का मरम्मत कार्य चल रहा है, जिसका बजट चार करोड़ रुपये का है। अब तक विभाग की तरफ से एजेंसी को सवा करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
कार्रवाई का दिया संकेत
एसीबी कैथल के इंस्पेक्टर सूबे सिंह ने बताया कि पंचकूला स्थित मुख्यालय की टीम गोदाम में चल रहे निर्माण कार्य की जांच के लिए आई थी। शुक्रवार को लोहे के सरिये के सैंपल लेकर मधुबन लैब भेजे गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।