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Kaithal News: खंडहर और सरकारी इमारतें बनीं नशे का अड्डा

Sat, 27 Dec 2025 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। जिले में खुले में नशीली दवाएं और सिरिंज बिक रही हैं, वहीं खाली और खंडहर सरकारी इमारतें नशेड़ियों का अड्डा बन चुकी हैं। प्रशासन के बार-बार प्रयासों के बावजूद इन पर रोक नहीं लग पा रही है। स्थानीय झोलाछाप बिना किसी पर्ची या सलाह के इन दवाओं और इंजेक्शन को बेच रहे हैं, जबकि ड्रग विभाग के अधिकारी केवल मुकदर्शक बने हुए हैं। पुलिस विभाग समय-समय पर अभियान चलाता रहा है।
इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए डीसी अपराजिता ने शुक्रवार को एनकॉर्ड की जिला स्तरीय बैठक बुलाकर निर्देश दिए कि जिले में बिना डॉक्टर की सलाह बिक रही सिरिंज पर संबंधित अधिकारी सख्ती से रोक लगाएं, ताकि युवा नशे का प्रयोग न कर सकें। साथ ही जिले की सभी खाली एवं खंडहर सरकारी इमारतों में साफ-सफाई करवाई जाए, ताकि ये जगहें नशे का अड्डा न बनें।
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बैठक में एक-एक एजेंडे पर विस्तार से चर्चा की गई और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए। एसपी उपासना ने खुले में बिक रही सीरिंज सहित अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। संबंधित एसडीएम अपने क्षेत्र के डीएसपी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर नशा मुक्ति केंद्रों का दौरा करेंगे, वहां दाखिल मरीजों की संख्या, उनकी जरूरतें और दवाओं की स्थिति की जांच करेंगे।
इस कार्य में सीएमओ विशेष सहयोग करेंगे। बैठक में सीईओ जिला परिषद सुरेश राविश, डीएमसी कपिल शर्मा, सीटीएम गुरविंद्र सिंह और एसडीएम गुहला कैप्टन परमेश सिंह उपस्थित रहे।
त्वरित सुनवाई पर जोर ः बैठक में डीसी ने चिह्िनत अपराधों पर सुनवाई की समीक्षा की और जिला न्यायवादी से एक-एक करके केसों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि चिन्हित अपराधों में त्वरित सुनवाई कर पीड़ितों को जल्द न्याय दिलाया जाए। विशेषकर पोक्सो और महिलाओं से जुड़े अपराधों में मुस्तैदी से पैरवी की जाए।
एसपी उपासना ने बताया कि पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ विशेष मुहिम चलाई गई है, जिसमें नशे के कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्यायालय में मुस्तैदी से पैरवी की जा रही है, ताकि दोषियों को उचित सजा दिलाई जा सके।
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इंजेक्शन चिकित्सकों की सलाह के बिना न बिकें

डीसी ने कहा कि जिले में झोलाछाप और लाइसेंसधारक कैमिस्ट बिना चिकित्सक की सलाह नशीली दवाएं और इंजेक्शन न बेचें। यदि ऐसा करते हुए कोई पाया जाता है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत केमिस्ट का लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है। जिले के चिह्नित नशाखोरी स्पॉटों पर लगातार निगरानी बढ़ाई जाए। डीसी ने जिला शिक्षा अधिकारी और उच्च शिक्षा अधिकारी को स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही जिला खेल अधिकारी को भी खेल केंद्रों पर निगरानी रखने को कहा गया।
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