आयुष्मान भारत योजना का लाभ पाने के लिए गोल्डन कार्ड बनवाना जरूरी है। ये कार्ड उन्हीं लोगों के बनेंगे, जो आर्थिक जातीय आधार पर तैयार की गई सूची में शामिल होंगे। सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र नैन ने बताया कि अगर परिवार के किसी सदस्य का नाम जनगणना सूचि में छूट गया हो तो उसके जरूरी दस्तावेजों की जांच के बाद गोल्डन कार्ड बन सकता है। इसके लिए सदस्यों को अपने परिवार से संबंध को प्रमाणित करवाना होगा। इसके लिए राशन कार्ड और संबंधित दस्तावेज जमा करवाने होंगे। सिविल सर्जन ने बताया कि राशन कार्ड में जिन सदस्यों के नाम होंगे उन्हीं को योजना का लाभ दिया जाएगा और प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज एक परिवार को दिया जाएगा। महिला के गोल्डन कार्ड पर शिशु को भी मुफ्त में इलाज मिलेगा। जिन लोगों का नाम जनगणना सूची में नहीं है, उन्हें लाभपात्र नहीं माना जाएगा।
ऐसे करें लाभार्थी होने का पता : सिविल सर्जन ने बताया कि सबसे पहले पीएम की चिट्ठी लाभार्थियों के घरों में आएगी। उसके बाद आयुष्मान की वेबसाइट आयुष्मान भारत हरियाणा डॉट इन, या मेरापीएमजेएवाई डॉट को डॉट इन पर पता कर सकते है। वेबसाइट पर दिए गए एम आई इलिजिबल? लिंक को कंप्यूटर या मोबाइल पर खोल सकते हैं। लिंक पर पता करें कि आप लाभ पात्र हैं या नहीं। इसके अलावा 14555 पर कॉल कर सकते हैं।
इन जगहों पर बनेगा गोल्डन कार्ड : अपने गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए पात्र व्यक्ति पास के सीएचसी में, जिला अस्ताल और पैनल पर लिए गए निजी अस्पतालों में जा सकते हैं। जिला कैथल में पांच प्राइवेट अस्पताल पैनल पर हैं। इनमें शाह अस्पताल, सिग्रस अस्पताल, गणपति अस्पताल, जयप्रकाश और जयपुर अस्पताल शामिल हैं। इन जगहों पर बनाया गया गया कार्ड पूरे देश के सरकारी व पैनल पर लिए गए अस्पतालों में मान्य होगा। अटल सेवा केंद्रों में भी कार्ड बनवा सकते हैं।
नाम पता गलत होने पर ऐसे करें सुधार: नाम या पता गलत होने की स्थिति में गोल्डन कार्ड में सुधार करवाया जा सकता है, लेकिन इसकी प्रक्रिया थोड़ी जटिल है। जिला स्तर पर इसे ठीक नहीं किया जा सकता। जिले के संबंधित अधिकारी इसका केस बनाकर लाभार्थी के दस्तावेज स्टेट हेल्थ एजेंसी को भेजते हैं। वहीं से नाम ठीक होता है और वहीं वेरिफिकेशन होती है।
गोल्डन कार्ड के लिए चाहिए ये दस्तावेज: किसी भी सरकारी या निजी अस्पताल और अटल सेवा केंद्र पर कार्ड बनवाने के लिए सबसे पहले पीएम की चिट्ठी दिखानी होगी। उसके बाद कोई भी एक आई कार्ड, आधार नंबर व परिवार से जुड़ा होने का सबूत देना होगा। राशन कार्ड भी इसमें प्रयोग किया जा सकता है।
जिले में कुल 79121 हैं लाभार्थी: आयुष्मान भारत योजना के जिले में कुल 79121 परिवार लाभार्थी हैं। इनमें से दो लाख के करीब लोगों के कार्ड बन चुके हैं। परिवारों की औसत को देखते हुए जिले में करीब पांच लाख पात्रों के कार्ड बना जाने हैं। अब तक योजना के तहत इलाज पर कैथल में एक करोड़ 80 लाख रुपये का मुफ्त इलाज लाभार्थियों को दिया जा चुका है।
योजना का लाभ उठाएं पात्र परिवार: सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र नैन ने कहा कि सरकार ने यह योजना जरूरतमंद परिवारों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए चलाई है। पात्र परिवार योजना का लाभ उठाएं। अपने साथ-साथ अन्य पात्रों को भी गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए प्रेरित करें।
उधर, अमरगढ़ गामड़ी निवासी श्याम जुनेजा ने सुझाव दिया कि 2011 का जो सर्वे हुआ था, उसमें से काफी सारे गरीब एवं जरूरतमंद लोग छूट गए हैं। सरकार से उनका सुझाव है कि योजना के लाभ के लिए दोबारा से सर्वे करवाया जाए। ताकि जो लोग छूट गए हैं, उन्हें लाभ मिल सके।