संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। राजकीय पाठशाला सेक्टर-19 में कार्यरत शिक्षक तरसेम शर्मा आज केवल अपने विद्यालय के ही नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा विभाग के लिए प्रेरणा स्रोत बनते जा रहे हैं। उन्होंने अपनी अनूठी सोच से सरकारी स्कूल की तस्वीर बदल दी। उन्होंने स्कूल की दीवारें को सीखने का माध्यम बनाकर बच्चों को उत्साह दिया है।
आमतौर पर शिक्षक का दायित्व कक्षा तक सीमित माना जाता है, लेकिन तरसेम शर्मा ने इस सोच से परे जाकर शिक्षा के साथ-साथ स्कूल की देखरेख और सौंदर्यीकरण का दायित्व भी स्वयं संभाल लिया है। वे न सिर्फ बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए समर्पित हैं, बल्कि विद्यालय को सकारात्मक, सुंदर और सीखने योग्य वातावरण देने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
स्कूल की दीवारों से पेंट उतर चुका था और जगह-जगह धूल-मिट्टी जमा होने से परिसर की सुंदरता प्रभावित हो रही थी। इस स्थिति को देखकर तरसेम शर्मा ने शिकायत करने की बजाय खुद बदलाव की शुरुआत की। उन्होंने रोजाना कक्षाओं के बाद ब्रश और रंग उठाए और स्कूल की दीवारों पर स्वयं पेंटिंग करना शुरू किया। धीरे–धीरे दीवारों को नया जीवन मिला और आकर्षक पेंटिंग्स, रंग-बिरंगे चित्र और सजावटी रचनाओं ने स्कूल को जीवंत रूप दे दिया। आज ये दीवारें विद्यार्थियों को आकर्षित करती हैं और स्कूल में ऊर्जा और उत्साह का नया वातावरण बनाती हैं।
दीवारें पढ़ते-पढ़ते सीख रहे बच्चे
तरसेम शर्मा ने केवल सजावटी पेंटिंग ही नहीं बनाई, बल्कि दीवारों को पढ़ाई से जुड़े ज्ञान का माध्यम भी बना दिया। वर्णमाला, गणित के सूत्र, प्रेरणादायक संदेश और ज्ञानवर्धक चित्र अब दीवारों पर उकेरे हुए हैं। इससे बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ रही है और वे खाली समय में भी दीवारें पढ़ते-पढ़ते सीखते रहते हैं। उनका मानना है कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि वातावरण भी सीखने का महत्वपूर्ण साधन बन सकता है। स्कूल को सजाने-संवारने का काम वे किसी बोझ की तरह नहीं, बल्कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए किए जा रहे प्रेमपूर्ण प्रयास के रूप में देखते हैं।
अच्छी लिखाई के लिए चल रहा विशेष अभियान
तरसेम शर्मा ने बच्चों की लिखाई सुधारने के लिए एक विशेष अभियान भी शुरू किया है। उनकी यह पहल सिर्फ उनके स्कूल तक सीमित नहीं है। वे अन्य सरकारी स्कूलों में जाकर भी छात्रों को सुंदर और साफ लिखाई के महत्व से अवगत कराते हैं। वे अक्षरों की सही बनावट, पेंसिल पकड़, लिखने की तकनीकों और अभ्यास के सरल तरीकों के बारे में विद्यार्थियों को विस्तार से बताते हैं। उनके मार्गदर्शन से कई बच्चों की लिखाई में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। उनका मानना है कि अच्छी लिखाई से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और अध्ययन में भी बेहतर परिणाम मिलते हैं।
शिक्षक तरसेम शर्मा के द्वारा बनाई गई पेंटिंग।
शिक्षक तरसेम शर्मा के द्वारा बनाई गई पेंटिंग।