नौकरी से हाथ धोने के बाद मानसिक रूप से परेशान चल रहे अतिथि अध्यापक ने दम तोड़ दिया। मंगलवार को अतिथि अध्यापक मामले में सुनवाई होनी है।
अतिथि अध्यापक की मौत पर अध्यापक सगठनों व परिजनों ने रोष जताया है। हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ व हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के पदाधिकारियों ने मृतक अध्यापक के गांव पहुंचकर गहरा दुख प्रकट किया।
हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र शास्त्री व जिला प्रधान सुभाष चंद ने बताया कि गांव संदल खेड़ी के राजकीय उच्च विद्यालय में अतिथि अध्यापक राजकुमार सामाजिक अध्ययन के पद पर कार्यरत थे।
सरकार ने हाई कोर्ट में गलत आंकड़े पेश कर 15 जून को राजकुमार को नौकरी से हटा दिया। तभी से राजकुमार तनाव में चल रहा था। 30 अगस्त को उसकी मौत हो गई।
संघ पदाधिकारियों ने बताया कि नौकरी से हटाए जाने के बाद से अभी तक एक दर्जन से अधिक अतिथि अध्यापकों की सदमे में मौत हो चुकी है।
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला जिला प्रधान सतबीर गोयत ने कहा कि बड़े दुख की बात है कि हर रोज अतिथि अध्यापक मर रहे हैं। इसके बावजूद सरकार कुछ नहीं कर रही।
उन्होंने सरकार को मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता व परिवार के एक सदस्य को नौकरी तथा 4073 अतिथि अध्यापकों को शीघ्र नियुक्ति देने की मांग की। इस दौरान राजौंद ब्लाक प्रधान विकास रविश, सुशील फरीयाबाद, संदीप, रमेश बालू, महेंद्र शर्मा, रमेश भाना, मदन शर्मा, बलिंद्र आदि थे।