संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में निकाली गई भव्य कलश यात्रा सोमवार को पटेल नगर स्थित ओएसडीएन पब्लिक स्कूल में पहुंची। इसका भव्य स्वागत किया गया। इसका उद्देश्य सनातन संस्कृति का उत्थान विश्व शांति सद्भावना और नैतिक मूल्यों के प्रचार प्रसार को बढ़ावा देना है।
गौरतलब है कि यह यात्रा 11 दिसंबर को हरिद्वार से शुरू हुई थी और देश भर के विभिन्न गांवों व शहरों से गुजरते हुए 12 अप्रैल को पंचकूला में इसका समापन होगा।
यात्रा में अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज के प्रतिनिधि व श्रद्धालु 24 तीर्थ का पवित्र जल लेकर आगे बढ़ रहे हैं, जो आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। गायत्री परिवार के साधकों ने स्कूल में स्वागत समारोह का आयोजन किया। जहां श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार से कलश की पूजा-अर्चना की ।
प्रधानाचार्य महिपाल कौशिक ने बताया कि गायत्री मंत्र के अर्थानुसार “उस श्रेष्ठ, तेजस्वी, पाप नाशक देव स्वरूप परमात्मा को हम अपनी अंतरात्मा में धारण करें। वह परमात्मा हमारी बुद्धि को सन्मार्ग में प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि यह किसी विशेष देवी देवता का मंत्र ना होकर सभी देव शक्तियों ब्रह्मा का मंत्र है। इसलिए गायत्री मंत्र को महामंत्र कहते हैं, जो सर्वमान्य है।
अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के प्रतिनिधि प्रदीप साहू ने बताया कि यह यात्रा समाज में नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों को पूर्ण जीवित करने के लिए की जा रही है । उन्होंने कहा कि इस दौरान विभिन्न स्थानों पर यज्ञ सत्संग और प्रवचन आयोजित किए जा रहे हैं जिनमें आत्मिक जागरूकता और जीवन सकारात्मक बदलाव लाने के लिए संदेश दिए जा रहे हैं।
पटेल नगर के विभिन्न संगठनों और एसडीएनपब्लिक स्कूल के स्टाफ, गायत्री संस्थान कैथल के सदस्यों व शहर के लोगों ने यात्रा का उत्साह पूर्वक स्वागत किया।
इससे पूर्व के दिनों में यह कलश यात्रा धनौरी, बरटा, साघंन, पाडला गांव से होते हुए मॉडल टाउन पिहोवा रोड, छात्रावास रोड ग्यारह रुद्री मंदिर, प्रताप गेट के बाद चिकाकल कैथल शहर पहुंची। अब हुड्डा सेक्टर में कमलेश वर्मा के निवास से होते हुए प्योदा रात्रि विश्राम करेगी।
यात्रा के दौरान स्वच्छता पर्यावरण संरक्षण और नशा मुक्ति जैसे सामाजिक मुद्दों पर भी लोगों को जागरूकता किया गया। इस अवसर रुलियाराम, सूरजभान, राजकिशन, राजकुमार, भूपेंद्र भलेराम शर्मा, राम प्रताप, कमलेश, संतोष, दरियाव सिंह, किरण शर्मा, अशोक वर्मा, बिमल सिंगला, महिपाल कौशिक, चेतन, धर्मकौर, तिलक राज सिंह, रोशन लाल शर्मा, देवता सिंह आदि गायत्री परिवार आदि मौजूद रहे।