संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। पंचायत की जमीन पर बनी दुकान को निजी संपत्ति बताकर एक व्यक्ति से 41 लाख 70 हजार रुपये ठगने का मामला सामने आया है। सीवन थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर पांच आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
गांव रामनगर निवासी जरनैल सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि जुलाई 2025 में उसकी मुलाकात कांगथली अड्डा पर वकील राम और मीता राम से हुई। इसके बाद आरोपियों ने उसकी मुलाकात अन्य लोगों से करवाई और एक डबल स्टोरी दुकान दिखाकर उसे बेचने का प्रस्ताव दिया। दुकान को पूरी तरह वैध और तैयार बताकर उसे खरीदने के लिए राजी कर लिया गया।
आरोपियों ने उसे चीका ले जाकर एक व्यक्ति से मिलवाया, जिसने खुद को दुकान का मालिक बताया और कागजात भी दिखाए। पहले 46 लाख रुपये की मांग की गई, जो बाद में 41 लाख 70 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। पीड़ित ने अलग-अलग तारीखों में नकद और बैंक ट्रांसफर के जरिए पूरी रकम दे दी। आरोपियों ने भरोसा दिलाने के लिए दुकान की रजिस्ट्री उसकी पत्नी के नाम करवा दी।
बाद में जब पीड़ित इंतकाल और कब्जा लेने संबंधित अधिकारियों के पास पहुंचा तो खुलासा हुआ कि दुकान ग्राम पंचायत कांगथली की जमीन पर बनी है और रजिस्ट्री भी फर्जी है। गांव के सरपंच ने दुकान पर ताला लगाकर इसे पंचायत संपत्ति बताया।
पीड़ित का आरोप है कि सभी आरोपियों ने मिलकर साजिश रचते हुए उसे धोखा दिया। पैसे वापस मांगने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। पहले थाना स्तर पर कार्रवाई न होने पर उसने 31 अक्तूबर 2025 को एसपी कैथल को शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई।
भिंद्र सिंह (कराली, पंजाब), संदीप (प्रोफेसर कॉलोनी, चीका), वकील राम (रामनगर भूना), मीता (चीका) और रामचंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -रमेश, सीवन थाना प्रभारी