एसपी आफिस परिसर में शहीदों की फिल्म देखते पुलिसकर्मी। प्रवक्ता
- फोटो : ARchive
कैथल। पुलिस विभाग 21 से 31 अक्तूबर तक पुलिस शहीदी स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। इसी कड़ी में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एलईडी के माध्यम से शहीदों की गौरव गाथा प्रदर्शित करने के लिए एक फिल्म दिखाई गई। इसमें पुलिस कर्मचारियों, अधिकारियों और लोगों ने हिस्सा लिया। डीएसपी गुहला हरदीप सिंह ने बताया कि देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले अमर शहीदों से प्रेरणा लेने के उद्देश्य से यह फिल्म दिखाई गई। फिल्म के जरिये जिला कैथल के छह अमर शहीदों की गौरव गाथा के बारे में बताया गया। डीएसपी ने कहा कि हमें उन अमर शहीदों के बलिदान पर गर्व है।
सिपाही रामसिंह का बलिदान
31 मार्च 1989 को अंबाला में उग्रवादियों ने डीएसपी राव रणबीर सिंह की गाड़ी पर घात लगाकर हमला किया था। इस हमले के दौरान डीएसपी की गाड़ी के चालक सिपाही रामसिंह ने उग्रवादियों का मुकाबला किया। जाजनपुर निवासी सिपाही रामसिंह कर्तव्यपालन की वेदी पर वीरगति को प्राप्त हो गए थे।
सिपाही कृपाल सिंह की शहादत
हरिगढ़ किंगन निवासी सिपाही कृपाल सिंह गार्द पिंजौर, जिला पंचकूला में तैनात थे। 26 जनवरी 1992 को उग्रवादियों ने गार्द का असलहा छीनने के प्रयास में हमला किया। सिपाही कृपाल सिंह ने उग्रवादियों से लड़ते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। वे कर्तव्य पथ पर वीरगति को प्राप्त हुए।
एसपी आफिस परिसर में शहीदों की फिल्म देखते पुलिसकर्मी। प्रवक्ता- फोटो : ARchive