संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। कुकरगंडा गांव के किसान दिलबाग सिंह (40) ने जमीन से जुड़ी धोखाधड़ी और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर जहर खा लिया। गंभीर हालत में उसे असंध के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रविवार शाम उसकी मौत हो गई।
मृतक के पास से चार पेज का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें गांव के छह लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही राजौंद थाना पुलिस असंध पहुंची और शव का पोस्टमॉर्टम करवाया। पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
परिजनों का कहना है कि दिलबाग ने इस पूरे मामले की जानकारी घर पर किसी को नहीं दी थी। आत्महत्या की असली वजह सुसाइड नोट के माध्यम से ही सामने आई। मृतक के चचेरे भाई ने बताया कि परिवार के पास सवा एकड़ जमीन थी, जिसकी 24 मई को धोखाधड़ी से रजिस्ट्री करवा दी गई। यह रजिस्ट्री किसके नाम हुई, इसकी जानकारी अब तक परिजनों को नहीं मिल सकी है।
परिजनों के मुताबिक, दिलबाग पिछले तीन-चार दिनों से बेहद तनाव में था लेकिन उसने किसी से कुछ नहीं कहा। 28 जून को दोपहर बाद वह खेत में गया और जहर खा लिया। पहले उसे राजौंद के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां से असंध रेफर कर दिया गया। असंध के निजी अस्पताल में दिलबाग ने दम तोड़ दिया।
राजौंद थाना प्रभारी एसआई सुरजीत सिंह ने बताया कि परिजनों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक के पास से चार पन्नों का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें जमीन विवाद और आरोपियों के नाम स्पष्ट रूप से लिखे हैं। सभी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।
फर्जी रजिस्ट्री से जमीन हड़पने का खुलासा
कुकरगंडा के दिलबाग सिंह खेतीबाड़ी करते थे। आत्महत्या से पहले लिखे सुसाइड नोट में उन्होंने गांव के ही करनैल सिंह और उसके बेटे, सूबे सिंह और उसके बेटे, दिलबाग और उसके बेटे पर धोखाधड़ी कर जमीन की फर्जी रजिस्ट्री करवाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।