फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ड़ताल के आठवें दिन 30 बसें चलीं...कंडक्टर ना होने के कारण खाली बैठे रहे नए भर्ती किए गए ड्राईवर

विज्ञापन
विज्ञापन
रोडवेजकर्मियों की हड़ताल का आठवां
विज्ञापन

30 बसें चलीं कंडक्टर न होने के कारण खाली बैठे रहे नए भर्ती किए गए ड्राइवर
कर्मचारी को आया अटैक, परिजनों ने लगाया अधिकारियों पर आरोप
जबरन भेजा जा रहा था कंडक्टर बनाकर, अधिकारियों ने दबाव के आरोपों को नकारा, कहा- कर्मचारी पहले से है बीमार फोटो नंबर-02 से 05
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। सरकार की ओर से किलोमीटर स्कीम के तहत निजी बसों को चलाने के फैसले के विरोध में शुरू की गई हड़ताल मंगलवार को आठवें दिन भी जारी रही। मंगलवार को पूरे दिन केवल 30 बसें ही रूटों पर निकली जो सोमवार की अपेक्षा कम रही। वहीं विभाग ने ड्राइवरों को तो बसों पर चढ़ा दिया। लेकिन हड़ताल से उनके साथ कोई भी कंडक्टर बसों पर नहीं है। जिसके चलते विभाग ने उस होमगार्ड जवानों को टिकट काटने के लिए कंडक्टर बनाया है। टिकट काटने की पूरी जानकारी न होने के कारण आधी अधूरी टिकटें काटी जा रही है। वहीं सोमवार को पंजाब, चंडीगढ़ व राजस्थान से आने वाली बसें कैथल डिपो पर पहुंची। जिससे यात्रियों को कुछ राहत मिली।
कर्मचारी को आया अटैक, परिजनों का अधिकारियों पर आरोप : मंगलवार सुबह जीएम कार्यालय में एक चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी दिनेश को हार्ट अटैक आ गया। जिसके बाद उसे निजी अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया। कर्मचारी की पत्नी किरण व भाई सतीश ने आरोप लगाया गया कि हड़ताल के कारण दिनेश काफी तनाव में है कि कहीं कोई कार्रवाई न हो जाए। सुबह सात बजे घर से आता है, रात को देेरी से घर पहुंचता है। उससे कभी कहीं तो कभी कहीं ड्यूटी ली जा रही है। इसी के चलते सुबह अटैक आया है। रोडवेज कर्मचारी नेता महावीर ने कहा कि उसे जबरन बस पर भेजा जा रहा था। जिस कारण उसे अटैक आया है। वहीं जीएम रामकुमार ने बताया कि उन्हें कर्मचारी को अटैक आने की जानकारी ही अन्य कर्मचारियों से मिली है। उसे कंडक्टर बनाकर बस पर नहीं भेेजा गया है। उसके बीमार होने के कारण ऐसा हुआ है। उन पर लग रहे सभी आरोप निराधार हैं।
विज्ञापन

आधी अधूरी टिकट, रोडवेज को भारी नुकसान, यात्री परेशान : अमर उजाला संवाददाता ने नए कर्मचारियों के माध्यम से चलाई जा रही बसों की यात्रा की तो पता चला कि टिकट काटने से लेकर बसों के संचालन में काफी परेशानियां हैं। नए कंडक्टर बस रुकवाने से लेकर टिकट काटने में काफी समय लगा रहे हैं। कई लोगों की टिकट ही नहीं कट पाती। जिससे रोडवेज को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। टिकट काट रहे आईटीआई के अप्रेंटिस विद्यार्थियों का कहना है कि उन्हें पंच मारने की पूरी जानकारी नहीं है। इस कारण दिक्कत है। इसके अलावा 10 होमगार्डाें को कंडक्टर बनाकर रूटों पर भेजा गया है।
लंबे रूटों पर जाने वाले यात्री परेशानी : हड़ताल के कारण सबसे अधिक परेशानी लंबे रूटों पर जाने वाले यात्रियों को हो रही है। हरियाणा में मजदूरी करने के बिहार से आए, मजदूर बिशन, राकेश, रामप्रसाद, जोगिंद्र सहित अन्य ने बताया कि वे सिरसा में मजदूरी करते है। उन्हें सिरसा जाना है। लेकिन सिरसा जाने के लिए कोई बस नहीं है। काफी परेशानी हो रही है। चार घंटे से बस स्टैंड पर बस का इंतजार कर रहे है।
10 होमगार्ड जवानों को कंडक्टर लगाया : जीएम रामकुमार भुक्कल ने बताया कि रोडवेज की बसों में कंडक्टरों परेशानी को देखते हुए 10 होमगार्ड जवानों को कंडक्टर लगाया गया है। इसके साथ ही मंगलवार को 30 बसें चली है। पड़ोसी राज्यों से आने वाली बसों के आने की कोई जानकारी नहीं है।
भाजपा जिला अध्यक्ष पहुंचे बस अड्डा, जीएम के साथ की सुविधाओं को लेकर चर्चा : मंगलवार सुबह भाजपा जिला अध्यक्ष अशोक गुर्जर ढांड जीएम रोडवेज से मिलने पहुंचे। जहां उन्होंने जीएम रोडवेज के साथ बसों के संचालन को लेकर विचार-विमर्श किया और कहा कि सरकार का प्रयास है कि जनता को परेशानी ना हो। कर्मचारी भी हमारे भाई हैं। लेकिन जो भी प्रशासनिक व्यवस्था है, उसमें कम से कम किसी को परेशानी ना हो। इसलिए अधिकारियों के साथ बस सेवा संचालन पर चर्चा की गई। मंगलवार दोपहर तक 30 बसें चलाई गईं।
विज्ञापन

डीसी रेट की भर्ती के लिए लोग पहुंचे भाजपा नेताओं के पास, भाजपा नेता पहुंचे जीएम के पास : सोमवार को डीसी रेट पर भर्ती किए गए 27 रोडवेज चालकों की सूचना मिलने पर मंगलवार सुबह ही भाजपा नेताओं के पास लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और लोगों ने मांग की कि उन्हें डीसी रेट पर नौकरी दिलवाने के लिए सिफारिश करने की मांग की। भाजपा नेताओं में रणधीर गोलन, हरदीप सिंह, जिला परिषद के वाइस चेयरमैन मुनीष कठवाड़, जिला महामंत्री रामपाल राणा, रणधीर गोलन सहित कई नेता पहुंचे। इन नेताओं ने जीएम से लोगों के लिए सिफारिश की तो जवाब मिला कि डीसी रेट पर जो लोग रखे गए हैं, वे किसी बाहर के ठेकेदार के आदमी हैं। इनमें से भी 27 में से 20 को काम नहीं मिला, क्योंकि कंडक्टर नहीं है। एक नेता ने अमर उजाला को बताया कि उन्होंने अपने समर्थकों को सीधा कह दिया है कि हमारी नहीं चलती। इसके बाद सभी भाजपा नेता वापिस लौट आए। वह बात अलग है कि सोमवार को डीसी रेट पर कोई भर्ती नहीं हुई। लेकिन युवाओं की भीड़ बस अड्डे पर उमड़ी रही।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें