350 तीर्थ पुरोहितों द्वारा किया जा रहा है पितृकर्म का कार्य
एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने तीर्थ में पवित्र डुबकी लगा करवाया पिंडदान
350 तीर्थ पुरोहितों द्वारा किया जा रहा है पितृकर्म का कार्य
फोटो नंबर-26 व 27
अमर उजाला ब्यूरो
पूंडरी। फल्गु तीर्थ मेले के बारहवें दिन देश कोने-कोने से लगभग 2 लाख श्रद्धालुओं ने तीर्थ में पवित्र डुबकी लगाई व पिंडदान पूजा की। मेले के प्रबंधन को लेकर डीसी धर्मवीर सिंह ने अधिकारियों के साथ बैठक कर उचित दिशा-निर्देश भी दिये। मेले में सबसे अहम व्यवस्था तीर्थ व मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सफाई और पीने के पानी को लेकर है। जिसमें अभी तक प्रशासन पुरी तरफ से कंट्रोल में नहीं कर पाया है। शाम के समय मनोरंजन स्थल की तरफ टोलियां बनाकर आने वाले युवकों द्वारा कि जाने वाली छेड़छाड़ की घटनाओं पर प्रशासन द्वारा कोई अंकुश नहीं लगाया जा रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन द्वारा पूरे मेला क्षेत्र में 16 सीसीटीवी कमरे भी लगाये गये, लेकिन इन सब प्रबंधों के बाद भी मेले के 12वें दिन तक पुलिस प्रशासन द्वारा एक भी मोटर-साइकिल चोर व जेबकतरा काबू नहीं किया गया है। तीर्थ पर मांगने वाली महिलाएं व बच्चे श्रद्धालुओं और पुरोहितों का समान चोरी कर जाती है, जिस पर भी प्रशासन काबू पाने में असमर्थ सिद्ध हो रहा है। मेला क्षेत्र में लाइटों व सफाई की व्यवस्था भी कम दिखाई दे रही है। गांव की कई गलियों में इस बार लाइटें ही नहीं लगाई गई है। तीर्थ को छोड़कर गांव के बीच की गलियों में भी सफाई नहीं की जा रही है।
डीसी के निर्देशों के बाद भी तीर्थ के पास चल रहे शराब के खुर्दे : मेला क्षेत्र में शराब बिक्री पर पूर्ण पाबंदी के बावजूद भी मेला क्षेत्र में दर्जनों अवैध शराब खुर्दे चल रहे हैं। जिन पर धड़ल्ले से शराब की बिक्री हो रही है। शाम होते ही इन खुर्दों से लोग शराब पीकर मेला क्षेत्र में हुड़दंग मचाते है। ग्रामीणों ने शराबबंदी के लिए कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत भी करवा दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की मिलीभगत से तीर्थ पर ही शराब की बिक्री बदस्तूर जारी है।
350 तीर्थ पुरोहितों द्वारा किया जा रहा है पितृकर्म का कार्य : तीर्थ पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन द्वारा 350 तीर्थ पुरोहित पंजीकृत किये जा चुके है। जिनके द्वारा पितृकर्म व पुजा आदि का कार्य करवाया जा रहा है। मेले में इस बार मनोरंजन स्थल व मेला देखने वालों की संख्या तो अच्छी है, लेकिन ब्राह्मणों से कर्म करवाने वाले श्रद्धालु काफी कम है। मेला क्षेत्र में विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों द्वारा चलाये जा रहे 23 भंडारे श्रद्धालु की दिनरात सेवा कर रहे है। जिनमें खाने-पीने की बहुत अच्छी व्यवस्था चल रही है।
मेले में आकर्षण केंद्र रहा छोटा कलाकार व मौत कुआं : फल्गु मेले में मनोरंजन स्थल पर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा 5 वर्षीय रोहन, जो रस्सी पर बगैर किसी स्पोट के हाथ में एक लंबा बांस लेकर चल रहा था। छोटी उम्र और बड़ा कमाल। मौत कुंआ में हाथ छोडक़र बाइक पर करतब दिखाने वाली लड़की व कार के करतब भी दर्शकों की पसंद रहे।
मेला में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, ठहरने और अन्य सुविधाओं की प्रशासन की तरफ से पूर्ण प्रबंधन किये गये है। मेला ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों तक सभी को हाजिर रहने और पुरी मुस्तैदी के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिये गये है।
जगदीप सिंह एसडीएम एवं मेला प्रशासक।