नशेड़ियों की तलब करवाती हैं चोरियां
पहले अपने घर में चोरी करते हैं फिर पड़ोसियों के घर
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। गुहला के इलाके में यह बात कहावत की तरह मशहूर है कि नशे की लत पूरी करने के लिए नशेड़ी पहले अपने घर का सामान बेचता है, फिर पड़ोसियों का। जब वहां भी दांव लगना बंद हो जाता है तो फिर शहर भर में जहां मौका मिले हाथ साफ कर देता है। इलाके में जिस रफ्तार से नशा बढ़ रहा है उसी तेजी से चोरी की घटनाएं भी बढ़ने लगी हैं। लोगों का कहना है कि रात के अंधेरे में तो सौ खतरे, यहां तो दिन में भी घरों के दरवाजे खिड़कियां बंद रखने पड़ते हैं। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी सहित शहर में ऐसा कोई मुहल्ला नहीं जहां रसोई गैस सिलिंडर चोरी की वारदात ना हुई हो।
राह चलती महिलाओं के कानों पर झपट्टा मारकर बालियां उमेठ लेने की घटनाएं रोज सुनने को मिल रही हैं। लोगों ने घरों के बाहर अब प्लास्टिक की टोंटियां लगा ली हैं क्योंकि स्मैकिये लोहे या पीतल की टोंटी तो छोड़ते नहीं। आलम ये है कि लोगों ने सीवरेज के लोहे वाले ढक्कनों की रोज होने वाली चोरियों से तंग आकर वहां कंक्रीट की स्लैब रखवा ली हैं। घरों के बाहर खड़े होने वाले साइकिलों की चोरियां भी आम हो चुकी हैं।
चक्की से उठा ले गए आटा
चीका में एक इलेक्ट्रोनिक्स की दुकान पर सीसी टीवी कैमरों के लिए मोल भाव कर रहे गांव हरिगढ़ किंगन के जयपाल ने बताया कि दो दिन पहले वह अपनी चक्की पर आटा पीस पीसकर कट्टे बाहर लगा रहा था कि तभी मोटरसाइकिल पर दो युवक आए और बड़ आराम से आटे से भरा एक थैला लेकर भाग गए। जय पाल ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में उसकी चक्की पर आटा चोरी की तीसरी घटना है। जय पाल ने अपने स्तर पर गांव में पड़ताल की तो पता चला कि चोरी करने वाले भागल के निवासी हैं तथा स्मैक के आदी हैं। जय पाल ने कहा कि वह अब अपनी चक्की तथा आसपास गली में सीसी टीवी कैमरे लगवा रहा है।
शाम होते ही स्मैकिए को छोड़ देते हैं पुलिसवाले
वकील कालोनी निवासी ईश्वर चंद अत्रि ने कहा कि उनके यहां से भी स्मैकिये कई बार सामान चुरा चुके हैं। स्मैकियों की पहचान करके वे उन्हें पुलिस में भी पकड़वा चुके हैं लेकिन पुलिस वाले शाम होते होते उन्हें छोड़ देते हैं। अत्रि ने बताया कि जब उन्होंने एक पुलिस कर्मी से इस बाबत पूछा तो जवाब मिला कि पुलिस के लिए तो संकट ही संकट है। हवालात में कैद किए स्मैकिये का जब नशा उतरेगा तो वह फिर स्मैक मांगेगा। अब पुलिस उसके लिए स्मैक मुहैया करवाए तो पुलिस किस बात की। और अगर ना मुहैया करवाए तो दीवार से सिर मार मारकर स्मैकिया मर जाएगा।
हंस नगर में नशेड़ियों का दिखना कम
चीका की हंस नगर कॉलोनी में गत रोज आम लोगों द्वारा नशे के कारोबारियों के खिलाफ किए गए हल्ला बोल के बाद सोहम आश्रम वाली गली में नशेड़ियों का दिखना कम हो गया है। गली में तैनात युवाओं ने बताया कि अगर कोई नशेड़ी गलती से इधर आ भी जाता है तो उसकी इतनी दंड बैठकें निकलवाई जाती हैं कि वह दोबारा इधर मुंह नहीं करता। गौरतलब है कि 22 तारीख की रात को वार्ड 17 के एमसी बलकार सिंह बल्लू की अगुवाई में लोगों ने हंस नगर में स्मैक का धंधा करने वाले एक घर पर दबिश देकर नशा ना बेचने की ताकीद की थी।