2025 तक 2 बिलियन से ज्यादा लोग पानी को तरसेंगे: डा. आरके शर्मा
आरकेएसडी कालेज के जीव विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित हुआ नेशनल सेमीनार
देशभर के 400 शोधार्थियों ने पढ़े शोध पत्र
सतीश बंसल सहित आरवीएस प्रधान साकेत मंगल पदाधिकारी व कॉलोजियम सदस्य रहे मौजूद
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। आरकेएसडी कालेज में जीव विज्ञान विभाग द्वारा हरियाणा उच्चतर शिक्षा महानिदेशालय के सौजन्य से नेशनल स्तर के सेमीनार का आयोजन किया गया। सेमीनार का शुभारंभ कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के डीन ऑफ कालेज व जोलोजी विभागाध्यक्ष डा. आरके शर्मा ने आरकेएसडी कालेज के पूर्व प्रधान एवं कॉलोजियम सदस्य सतीश बंसल, राष्ट्रीय विद्या समिति के प्रधान एडवोकेट साकेत मंगल, महासचिव पंकज बंसल, कोषाध्यक्ष श्याम सुंदर बंसल सहित ङ्क्षप्रसिपल डा. ओ.पी. गर्ग व सेमीनार कन्वीनर डा. गगन मित्तल की मौजूदगी में किया। पर्यावरण एवं प्राकृतिक संसाधन-मानवीय आवश्यकता तथा चुनौतियां विषय पर आधारित इस सेमीनार में हरियाणा सहित देश के अन्य राज्यों हिमाचल, राजस्थान, पंजाब व उत्तर प्रदेश से आए 400 से अधिक शोधार्थियों ने शोध पत्र पढ़े। प्रिंसिपल डा. ओपी गर्ग सहित कन्वीनर डा. गगन मित्तल सह-कन्वीनर एवं मंच संचालक डा. अनिल जिंदल, प्रो. नरेश गर्ग ने नेशनल सेमीनार में प्रबंधकीय दायित्व निभाया। मुख्य वक्ता डा. आरके शर्मा ने कहा कि धरती पर जीवन के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए जल संरक्षण और बचाव बहुत जरूरी होता है। पूरे ब्रह्माण्ड में एक अपवाद के रूप में जीवन चक्र को जारी रखने में जल सहयोगी है। जल बचाने के लिए जरूरी है कि हम रोजमर्रा की जिंदगी में अपने बागान में तभी पानी दें जब इसकी जरूरत हो। पाइप से पानी देने की बजाय फुव्वारे से पानी देना बेहतर होगा।
आंकलन यह भी किया गया है कि लगभग या 2 बिलियन से ज्यादा लोग 2025 तक पानी की कमी से जूझेंगे। पानी बचाने के लिए प्रतिदिन इस्तेमाल के पानी में कमी लाएं। संस्थाओं के चेयरमैन सतीश बंसल ने पर्यावरण संरक्षण के लिए ऐसे आयोजनों को समय की जरूरत बताया।
राष्ट्रीय विद्या समिति के प्रधान साकेत मंगल ने राष्ट्रीय स्तर के सेमीनार की आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि पर्यावरण प्रदूषण संतुलन को बिगाड़ रहा है जो सबसे भयंकर समस्या है। प्रिंसिपल डा. ओपी गर्ग ने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण जनजीवन को प्रभावित करता है इसके लिए प्राकृतिक संसाधनों को सहेजना हम सबका दायित्व है। सेमीनार कन्वीनर डा. गगन मित्तल ने कहा कि सेमीनार में रखा गया विषय पर्यावरण और उसके संरक्षण के संदर्भ में व्यापक जानकारियां उपलब्ध करवाएगा। अन्य वक्ताओं में लुधियाना कृषि विश्वविद्यालय के जीव विज्ञान विभाग के प्रो. डा. एस.एस. हुंडल, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय जोलोजी विभाग के डा. जितेंद्र भारद्वाज, पूर्व प्रोफेसर डा. आरके गुप्ता शामिल थे। इस अवसर पर मौजूद कॉलोजियम सदस्यों में पूर्व चेयरमैन अनिल शोरेवाला, महेश मंगल, सुशील कुमार, महेंद्र थरेजा, प्रो. बी.डी. गुप्ता, पी.सी. मित्तल, चंद्रभान मित्तल, रामनिवास जैन के अलावा कार्यक्रम संयोजन समितियों से जुड़े सभी प्रोफैसर इत्यादि मौजूद रहे।